चित्रकूट में डॉक्टरों की लापरवाही ने ली है जान, परिवार वालों का आरोप

जिला चित्रकूट, कस्बा कर्वी, पुरानी बाजार 21 फरवरी का महेश पटेल के जिला अस्पताल मा मउत होइ गे हवैं। परिवारवाले कहत हवै कि डाक्टर के लापरवाही से महेश पटेल के जान गे हवैं। सरकारी अस्पताल के डाक्टर खानापूर्ति बस करत हवै,उनकर पूर ध्यान आपन प्राइवेट प्रैकिट्स करै मा रहत हवैं। पुलिस मा तहरीर दे के बाद भी अबै तक कउनौ कारवाही नहीं भे आय ।
रतन पटेल का कहब हवै कि 20 फरवरी का रात के मोर छोट भाई महेश पटेल के सीने मा पीरा शुरू होइगा। तबै हम आपन भाई का जिला अस्पताल मा भर्ती करावा हवै। डाक्टर राहुल वर्मा बिना जांच किये वहिके इलाज शुरू कइ दिहिस अउर बोतल चढ़ा दिहिस। जबै सरकारी अस्पताल मा फायदा नहीं भा तौ हम प्राइवेट अस्पताल मा देखावा तौ डाक्टर हार्ट के बीमारी बताइन। इलाहाबाद लइ जात समय रास्ता मा वहिकर मउत होइगे। मोर भाई के मउत डाक्टर के लापरवाही के कारन भे हवै। कर्वी कोतवाली मा तहरीर दे के बाद भी डाक्टर के पहुंच के कारन सुनवाई न भे आय। हम चाहित हन कि दोषी डाक्टर का सजा मिले अउर उनके प्राइवेट प्रैक्टिस मा रोक लगाई जाये।
महतारी रामदुलारी बताइस कि डाक्टर समय से बता देत तौ हम आपन लड़का का दूसर जघा लइ जइत।सरकारी डाक्टर इलाज नहीं करत मड़इन का खून चूसत हवैं। पत्रकार अशोक दिवेदी कहब हवै कि साल मा तीन दर्जन मउत सरकारी अस्पताल मा डाक्टर के लापरवाही से होत हवै। डाक्टर गोरख धंधा करत हवै, प्राइवेट प्रैक्टिस करत हवै। सरकारी बजट मा डाका डालत हैं।
सी.एम .ओ राम जी पाण्डेय का कहब हवै कि जांच कीन जई। प्राइवेट प्रैक्टिस का काम गलत आय।महेश के मउत का एक महीना होइगा पै आज तक डाक्टर के ऊपर कउनौ कारवाही नहीं भे आय।

रिपोर्टर- नाजनी रिजवी और मीरा जाटव

Published on Mar 17, 2017

चित्रकूट जिले के लोहदा गांव में मनरेगा डी सी का कहना मजदूरी नहीं बकाया, मजदूर बोले नहीं मिला पैसा?