चित्रकूट जिले में 600 परिवार पर 98 शौचालय, तो कैसे बनेगा स्वच्छ भारत

जिला चित्रकूट ब्लाक कर्वी गांव बंदरी का या हाल हवै कि हिंया मड़ई अबै भी खुले मा शौच करें जात हवै। छह सौ परिवार वाले या गांव मा कुल अनठानबे शौचालय हवैं। का इनतान के हालत मा गांव शौच मुक्त होइ पइहैं?
बूढ़ बेसनिया बताइस कि हमैं शौचालय नहीं मिला आय। चल नहीं पावत आहूं धीरे-धीरे खेतन मा शौच खातिर जात हौं।बाबा घर मा शौच करत हवै तौ मैं साफ करत हौं काहे से हमैं प्रधान शौचालय नहीं दिहिस आय।रामकली बताइस कि एक साल पहिले स्वच्छ अभियान के पर्ची हमार दरवाजा मा लगा गें रहैं पै शौचालय नहीं मिले आहीं बाहर खेतन मा चोर अउर बदमाशन के डेर लागत हवै। अवध त्रिपाठी का कहब हवै कि अगस्त मा आधार कार्ड बैंक के पासबुक समेत सबै कागज  कइयौ दरकी जमा कइ चुके हन पै शौचालय कबै अइहैं कुछौ पता नहीं लागत आय।निर्मल अउर कुमार रामफल बताइन कि हमार सब कागज जमा हवै पै हमें शौचालय नहीं मिले आहीं। हमार परिवार मा आठ दस मड़ई हवैं सबै बाहर शौच खातिर जात हवै। ए डी ओ पंचायत रमेश चन्द्र गुप्ता का कहब हवै कि बंदरी गांव खातिर चालिस शौचालय का रुपिया दीन गा हवै।
रिपोर्टर-नाजनी रिजवी

Published on Dec 12, 2017