चित्रकूट जिले में करीब 20 साल से तालाब अपने सुन्दरीकरण की राह तक रहा है

चित्रकूट, ब्लाक पहाड़ी, गांव चकजाफर के तालाब का सुन्दरीकरण लगभग बीस साल पहले से नहीं भा आय। चार साल से टूट पड़ा हवै। लगभग हजार मड़इ या तालाब मा निस्तार करत हवै। कपड़ा धोवत रहै अउर जानवरन का पानी पियावत रहे हवैं। घाट टूटे के कारन कत्तौ मड़इन तौ कत्तौ जानवरन का पांव टूट जात हवै।  पै अबै तक सुन्दरीकरण नहीं भा आय। अजय कुमार बताइस कि जउन मड़इ मछली पालन करत रहा हवै वा तुरंत पुरान तोड़वा दिहिस हवै। सिंघाड़ा बोवाय के नर्क कई दिहिन हवैं। बच्चा अउर सयान मड़इ वहिमा शौच करत हवैं। वहिमा गंदा पानी अउर कूड़ा डारत हवैं। समस्या हवै कि कउनौ जानवर पानी नहीं पियत आय। बस बीमारी अउर गंदगी फ़ेइलत हवै। सरोज बतावत रही हवै कि बारह साल से हिंया सफाई नहीं भे आय। बच्चा नहायें जात हवै तौ सालै एक दुई बच्चा डूब जात हवैं। मोतिनिया का कहब हवै कि तालाब मा गंदा कूड़ा फेकत हवैं। वहिमा शौच का जात हवै। कुसुमा बतावत रही हवै कि वहिमा मछली पालत अउर मारत हवैं वहिमा काई बहुत हवै। गौरी यादव का कहब हवै कि अवधेश प्रधान के कार्यकाल मा घाट टूट हवैं। तबै से अबै तक नहीं बने आय। तबहीं से अउर बिगड़तगे हवैं। करुणा शंकर का कहब हवै कि घाट न होय के कारन कपड़ा धोवै मा अउर जानवरन का पानी पियावै मा बहुत परेशानी होत हवै।
प्रधान प्रतिनिधि विजय शंकर का कहब हवै कि मोर कार्यकाल के पहिले वा तालाब के स्थिति बहुत खराब रहै। वहिके घाट कटगे रहै, पै मैं तालाब मा काम करा के तालाब का गहरीकरण करवा दीने रहे हौं। पदं का कांट के तालाब का सुन्दरीकरण करवा दीने रहे हौं। मरम्मत व सुन्दरीकरण फेर दुबारा से करिहौं।
परियोजना निदेशक एम लाल का कहब हवै कि जउन तालाब हवै पहिले के सुन्दरीकरण से क्षतिग्रस्त होइगे हवैं तौ वाहिका ठीक करावै का अवगत करा दीन गा हवै।

 रिपोर्टर- सुनीता देवी

Published on Apr 19, 2018