चित्रकूट जिले के रिहूटिया गाँव के स्कूल में दीवार ना होने से खाना, खेलना और पढ़ाई सब बाधित

जिला चित्रकूट, ब्लाक मानिकपुर, गांव रेहुंटिया 20 साल पहिले हिंया पूर्व माध्यमिक विद्यालय बना रहै, पै अबै तक स्कूल के बाउंड्री नहीं बनी आय। काहे से हिंया के जमीन का मुकदमा चलत हवैं जेहिसे बच्चन का बहुतै परेशानी होत हवैं।आई.टी.आई.कार्यकर्ता कहत हवै कि स्कूल गलत जघा मा बना हवै।
स्कूल के सहायक शिक्षक रेखा वर्मा का कहब हवै कि हमार स्कूल मा तिहत्तर बच्चा हवै अउर तीन मास्टर हवैं। स्कूल के आगे सड़क हवै अउर पीछे रेलवे लाइन हवै जेहिसे स्कूल के बच्चन का डेर बनी रहत हवै। स्कूल मा बाउंड्री न होय से जानवर भीतर तक घुस आवत हवैं जेहिसे बहुतै परेशानी होत हवै। बाउंड्री खातिर कइयौ दरकी प्रधान अउर बी.एस.ए मा कहे हन पै कोउ ध्यान नहीं देत हवैं। कंटीली तार खातिर भी प्रधान से कहित हन पै प्रधान कहत हवै कि जबै रुपिया आ जई तबै तार लगवइबै।
स्कूल मा पढ़े वाली शकुन्तला अउर नेहा बताइन कि बरसात के महीना मा हिंया बहुतै परेशानी होत हवै। बाहर बइठित हवै तौ धूल उड़त हवै। बाहर खाना खइत हवै तौ कुत्ता आ जात हवैं। बाथरूम बहुतै गंदे रहत हवै, जेहिसे बाहर खेत मा बाथरूम खातिर जाये पड़त हवै स्कूल मा जउन पेड़ पौधा लगइत हन तौ बाउंड्री न होय के कारन जानवर खा जात हवैं।
करन कुमार बताइस कि जबै हम बाल खेलित हवै तौ खेतन मा चला जात हवैं तौ मड़ई गाली देत हवैं। आई टी आई कार्यकर्ता महेन्द्र कुमार ओबेराय का कहब हवै कि स्कूल के जमीन एक किसान के आय जबै तक मुकदमा चलत हवै तबै तक हुंवा बाउंड्री नहीं बन सकत हवैं।

रिपोर्टर- सहोद्रा

11/01/2017 को प्रकाशित