चित्रकूट के प्रसिद्धपुर में छुला के पत्ते हैं महिलाओं की आमदनी का जरिया

जिला चित्रकूट, ब्लाक पहाड़ी, गांव प्रसिद्धपुर गरीब मडइन का सरकार कइत से कउनौ रोजगार नही मिलत हवै। हयै कारन उंई मजबूरी मा पतरी बनावै का काम करत हवै। या काम मा रुपिया बहुतै कम हवै पै पेट खातिर गरीब मडई या काम करै का मजबूर हवै।
मुन्नी देवी का कहब हवै कि हम बकटा अउर पथरा पिपरोदर गांव के जंगल से छिउल के पत्ता टोर के लइत हन, अउर पतरी बना के बेंचित हन। यहिमा कउनौ तान हमार गुजर बसर चलत हवै।
हमरे हिंया लाइट नही आय 2 लीटर मिटटी का तेल मिलत हवै तौ का होत हवै। कत्तौ लकड़ी जला के तौ कत्तौ सरसो का तेल जला के आपन काम चलाइत हन हमरे पास न जमीन आय ना घर आय। हमार काम बारो महीना थोड़ी बहुत चलत हवै।
जबै शादी ब्याह का मौसम होत हवै तौ हमै पतरी बनावै का आर्डर मिलत हवैं। तबै हम ज्यादा पटरी बनाइत हन।

रिपोर्टर- सहोद्रा

 

04/01/2017 को प्रकाशित