चित्रकूट के जिला अस्पताल के नर्सों का आरोप बिना वजह मिल गया नोटिस

जिला चित्रकूट, शहर चित्रकूट जिला अस्पताल मा संविदा के तहत भर्ती 28 स्टाप नर्स का उनके पद से हटा दीन गा हवै। 3 महीना काम करै के बाद एक मई का अचानक इं संविदा मा काम करै वालेन का उनके पद से हटा दीन गा हवै। इं मड़इन का एकौ महीना का वेतन नहीं दीन गा आय। चिकित्सा विभाग के सबै बड़े अधिकारी ऊपर से आदेश आवे के बात कहिके आपन पल्ला झाड़ देत हवैं।
स्टाप नर्स अर्चना का कहब है कि हम जनवरी से नर्स के पद मा काम करत रहे हन। पै अचानक हमें नौकरी से निकाल दीन गा हवै छह महीना खातिर नौकरी तय कीन गे रहै।
स्टाप नर्स सुषमा राय बताइस कि एजेंसी कइत से हम स्टाप नर्स का काम करे हन। सी.एम.ओ कइत से हमें निकाले खातिर चिठ्ठी पकड़ा दीनगें हवै। अबै तौ हमार पूरा वेतन भी नहीं मिला आय।
स्टाप नर्स सीमा बताइस कि हमें बीच से निकाल दिहिन गा हवै कउनौ दुइ महीना काम करिस हवै कउनौ चार महीना काम करिस हवै।
धोबी धर्मेन्द कुमार बताइस कि मैं 17 फरवरी से काम करब शुरू कीने रहेव 10 हजार वेतन दे का कहा गा पै अबै एको नहीं मिला आय। श्याम सुन्दर बताइस कि 4 फरवरी से काम करब शुरू कीने हौं पै अचानक काम से निकाले से बहुतै परेशानी होइ गे हवै।
अधीक्षक डा.एन के गुप्ता का कहब हवै कि 1 मई से आदेश के तहत 19 स्टाप नर्स का हटा दीन गा हवै 9 दूसर पद मा काम करे वाले चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारिन का निकाला हवै।
अपर सी. एम ओ एस. ए मिश्रा का कहब हवै कि संविदा वाली दूनौ संस्था काम नहीं करत आहीं तौ संविदा के सेवा ख़त्म कइ दीन गें हवै।

रिपोर्टर- सुनीता देवी और नाजनी रिजवी

05/05/2017 को प्रकाशित