चार महीना से नई भई सफाई

काय न फेले बीमारी
काय न फेले बीमारी

ई गांव की आबादी 1950 होंय के बाद भी विकाश बोहतई कामजोर हे। प्रधान सफाई के बारे में कोनऊ ध्यान नईं देत आय। गंदगी होय के कारन केऊ तान खे बीमारी फेले को डर हे।
वार्ड नम्बर एक, दो ओर तीन के रहें वाले ननकू ओर महेन्द्र ने कहो कि हमायेे गांव में कभऊं सफाई नई होत आय न एते सफाई कर्मी आउत आय हे। अगर महीना दो महीना में आउत हे तो स्कूल ओर प्रधान के द्वारे में सफाई करके चलो जात हे। ऊ गांव में कभहूं नहीं घुसत आय। मातादीन ने कहो कि मजबूरी में गिलाव से हमे हेल के आयें-जायें खा परत हे। केऊ दइयां प्रधान से सफाई करायें खा ओर नाली बनावायें खा कहो हे, तो ऊ नई सुनत हे। प्रधान खे तो वोट लेय के दइयां जनता देखात हे फिर ऊखों रूपइया के सिवाय कछू नई दिखात हे।
प्रधान कल्लू यादव ने बताओ कि में सफाई कर्मी साहिद खां केऊ दइयां सफाई करें खा कहो हांे, पे ऊ नई आउत हे। साहिद महोबा को रहें वालो आय, जभे ऊ गांव में आउत हे तो में ऊसे नई मिल पाउत हों। नाली ओर खड़ण्जा बनवायें खा सांसद निधि ओर विधायक निधि से मांग करी हे, कोनऊ सुनवाई नई भई आय। कबरई ब्लाक के ए.डी.ओ. सुरेश कुमार मिश्रा ने बताओ कि गांव में सफाई कर्मी सफाई करन नई जात हे। ईखी जानकारी हमें न तो प्रधान न दई हे न सचिव ने दई हे। ऐसी बात हे तो प्रधान सचिव से पूंछ के सफाई कर्मी के ऊपर कार्यवाही करी जेहे।