‘चलो उना’ मार्च के बाद दलितों ने लिया मरी गाय को न उठाने का संकल्प, फिर हुआ हमला

साभार: द वायर
साभार: द वायर

गुजरात के उना में दलित पदयात्रा का 15 अगस्त को समापन हो गया। अहमदाबाद से शुरू हुई 350 किलोमीटर लम्बी दस दिवसीय पदयात्रा के बाद उना में दलितों का विरोध प्रदर्शन स्थल पर समाप्त हुआ।
इस दौरान हजारों दलितों ने मृत गाय न हटाने का संकल्प लिया और कहा कि अगर एक महीने के भीतर गुजरात सरकार हर परिवार को पांच एकड़ जमीन देने की उनकी मांग को पूरा नहीं करती है, तो विशाल रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस बीच दलितों पर हुए ताजा हमले की घटना ने फिर से तनाव बढ़ा दिया है। सत्तरवें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर खत्म हुई रैली में हिस्सा लेकर लौट रहे कुछ दलितों पर राज्य के एक गांव में संदिग्ध अगड़ी जाति के लोगों ने हमला कर दिया। इस घटना में आठ दलित घायल हुए हैं।