घर ना होय से दर दर भटकत

Picture gharजिला चित्रकूट, ब्लाक मानिकपुर, गांव बगरेही। हिंया के पंचायत भवन मा गांव का कुशल नाम का मड़ई पांच बरस से रहत हवै। या कारन प्रधान अउर गांव के मड़इन का दिक्कत होत हवै। प्रधान भगवान दास ब्लाक मा दरखास कइयौ दरकी दिहिस हवै तौ सासन कइती से समान हटावै का आदेश होइगा हवै।
प्रधान भगवान दास का कहब हवै कि पांच बरस से पंचायत भवन मा कब्जा करे हवै। कउनौ गांव के मीटिंग अउर भी कुछ काम होत हवै। तौ यहिका कहित हवै कि आपन दूसर घर बनवा लेंव तौ नहीं बनवावत आय। ताला लगा के परदेश चला गा हवै।
कुशल का बाप चंदुवा अउर महतारी सवरिया बताइन कि गरीब दलित जाति के मड़ई हवै  हमरे रहै का घर नहीं आय। जउन एक बखरी हवै। वहिमा छोट लड़का रहत हवै। पूर्व प्रधान कलावती का लड़का श्लोक हमका यहिमा राख दिहिस रहै। हमका जघा कालौनी मिल जात तौ नींक होत। गरीब मड़ई इटा पाथ के आपन परिवार का पेट भरत हवैं। अबै भी लड़का इटा पाथै गे हवै। या कारन हम पंचायत भवन के बरामदा मा समान ताक के सोय का परत हवै। डर बना हवै कि कउनौ ताला तोड़ के समान लई न जाये। या से रैपुरा थाना के पुलिस 15 मार्च 2013 के रात आठ बजे लगभग आई हवै अउर हमका बरामदा के नीचे ढकेल दिहिस हवै तौ कमर मा चोट आ गे हवै। रैपुरा थाना के मुंशी रामगोपाल पाल का कहब हवै कि शासन कइती से आदेश है कि सामान हटा ले या कारन हम जइत हन।