घटनाएं गम्भीर पर धाराएं मामूली

Banda_city_Railway_Station,_Uttar_Pradeshजिला बांदा। जिले में इस माह औरतों के साथ यौन हिंसा के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस ने इन मुद्दों की रिपोर्ट तो लिख ली हैं पर धाराएं लड़ाई मारपीट गाली गलौज या चोरी की लगाई गई हैं। लोगों ने एस.पी. से कारवाही की मांग की है।

बबेरू कस्बा की एक दलित लड़की का कहना है कि 5 सितम्बर को बीच चैराहे में मोहल्ला के ओम प्रकाष और बाला कहार ने ज़बरदस्ती उसे मोटरसाइकिल पर बैठाने की कोषिष की। उसके बाद से दोनों उसे अपहरण और जान से मारने की धमकी दे रहे हंै। लड़की का कहना है कि कुछ सत्ताधारी लोगों के दबाव के कारण थाने में रिपोर्ट नहीं लिखी गई। 19 सितम्बर को एस.पी. को दरखास देकर कारवाही की मांग की है।

ब्लाक तिन्दवारी की एक औरत के साथ गांव के झोला छाप चिकित्सक रघुराज सिंह ने 12 सितम्बर को जांच करने के बहाने यौन हिंसा करने की कोशिश की। औरत के अनुसार गांव के कुछ दबंगों ने समझौता कराने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर पुलिस ने छेड़खानी की जगह मारपीट और गाली गलौज का मामला लिखा है। मुषी इसराइल खंा ने कहा कि चिकित्सक के खिलाफ दण्ड प्रक्रिया संहिता की 151, 107, 116 धाराएं लगाई गई हैं।

चिल्ला क्षेत्र में 23 सितम्बर की रात एक औरत के घर गांव का अंकुज नाम का आदमी घुस आया। औरत का आरोप है कि अंकुज ने उसके साथ बलात्कार करने की कोशिश की। चिल्ला थाना के एस.ओ. आर.बी. सिंह ने बताया कि अंकुज के खिलाफ धारा 457 (घर में घुसना) और 380 (चोरी) लगी हैं।

बांदा एस.पी. पीयूश श्रीवास्तव से इन पूरे मामलों को लेकर बात की गई। एस.पी. ने कहा कि जिस तरह के केस होते हैं, पुलिस वैसे ही मामले लिखती है। हर दिन ऐसे हज़ारों मामले आते हैं। सारे मामलों के लिए थानों को जांच के आदेष दे दिए गए हैं।