गौ रक्षा पर इतना जोर, पर बुंदेलखंड में भूखी, प्यासी, भटकती, तड़पती गाय किसी के नज़र में नहीं?

जिला चित्रकूट अउर जिला महोबा बचपन मा हम गाय के ऊपर निबन्ध जरुर लिखे हन। जेहिमा या लाइन गाय हमार माता आय जरुर लिखे हन। पै या समय गाय सड़क मा घूमत अउर कूड़ा खात देखाई देत हवै। काहे से जउन गाय दूध नहीं देत वहिका मड़ई अन्ना छोड़ देत हवै। यहै कारन भूखी गाय मड़ई के खेत चर के आपन पेट भरत हवैं। जेहिसे किसानन के फसल बर्बाद होत हवैं।
अन्ना जानवर बीच सड़क मा फिरत रहत हवैं। जेहिसे आये दिन घटना होत रहत हवै। भाजपा सरकार गौ रक्षा के बारे मा भाषण तौ बहुतै देत हवै। पै बुन्देलखण्ड मा अन्ना प्रथा के समस्या जस के तस हवै। जिला पंचायत सदस्य निर्मला का कहब हवै अन्ना प्रथा का लइके योगी सरकार का कार्यक्रम कहां तक चलत हवै या तौ आवे वाले समय मा पता लागी। फेर सब अपने से करबै।
भगवान दीन द्विवेदी का कहब हवै कि गौशाला बनी रहै जेहिमा हर महीना 15 -20 हजार रुपिया लागत रहै या खर्चा ग्राम पंचायत करत रहै डी. एम. गौशाला के सहायता करै का भरोसा दिहिन रहै पै कुछौ सहायता नहीं करिन। अब फेर से जानवर अन्ना होइगे हवै। भाजपा सरकार गौरक्षा खातिर भाषण बस देत हवै पै करत कुछौ नहीं आय।
गोशाला करमचारी भारत सिंह बताइस कि तीन साल पहिले गौशाला बनी रहै जेहिमा 160 गाय रहि हवै पै गौशाला मा गाय के खाये पिये के बहुतै समस्या रहि हवै।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राम सिंह पटेल का कहब हवै कि भाजपा सरकार गौशाला खातिर कउनौ काम नहीं करत आय। गोबर से खाद बनावै के बात कहत हवै पै जमीनी स्तर मा कुछौ काम नहीं होत आय। सरकार बदल गे हवै पै अन्ना प्रथा के समस्या जस के तस हवै।
कर्वी के भाजपा विधायक चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय का कहब हवै कि सरकार गौरक्षा करै खातिर कहत हवै। गौरक्षा खातिर कउन विभाग का काम करै का हवै उंई सब नियम अबै बनाये जात हवै।
महोबा के राम प्रसाद का कहब हवै कि अन्ना प्रथा के कारन बहुतै मुसीबत से गेहूंके फसल तैयार कीने हन। दुई मड़ई रात के बारी बारी से पहरा देत रहे हन तबै गेहूं के फसल बची हवै। महोबा भाजपा जिला अध्यक्ष जितेन्द्र सिंगर का कहब हवै कि जानवर के गौशाला खातिर रुपिया आवा रहै पै अधिकारी सब रुपिया खा डालिन हवै पै अब इनतान न होई।

रिपोर्टर- खबर लहरिया ब्यूरो

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Published on May 30, 2017