गौ रक्षा के नाम पर देश में 86% हुई मुसलमानों की हत्याएं

साभार: मैक्स पिक्सेल

2010 से 2011 तक देश में गाय के नाम पर होने वाली हत्याओं की कोई घटनाएं नहीं हुई थी। वहीं आठ सालों में 29 व्यक्तियों की हत्याएं गाय के नाम पर हुई, जिनमें से 25 हत्याएं मुसलमानों की हुई हैं। आपको बता दें कि गाय के नाम पर हुई ये घटनाओं में से आधे से ज्यादा मामले की वजह झूठी थी।
गौ रक्षा के नाम हुई हिंसा के मामले में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद बहुत तेजी आई है। इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट के अनुसार साल 2010 से 2017 के बीच गौ रक्षा के नाम हुई हिंसा में 57 प्रतिशत पीड़ित मुसलमान थे। इस दौरान गौ रक्षा के नाम हुई हिंसा में मारे जाने वालों में 86 प्रतिशत मुसलमान थे। इन आठ सालों में ऐसी 63 घटनाएं हुई जिनमें 28 लोगों की जान चली गई। इस हिंसा के 97 प्रतिशत मामले नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद हुए हैं। हालांकि मोदी ने कहा  भी हैं कि गौ-भक्ति के नाम पर हत्या को स्वीकार नहीं किया जाएगा और किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अपराध से जुड़े आकंडो़ं में इस हिंसा और हत्या को दिखाया नहीं गया है। गाय से जुड़ी हिंसा के 63 मामलों में 32 बीजेपी सरकार के प्रदेशों में, आठ मामले कांग्रेस सरकार के प्रदेशों में, अन्य मामले दूसरी पार्टियों की प्रदेशों में हुए है।
2017 में गाय से जुड़ी हिंसा के मामले बहुत बढ़े। ये हिंसा के सबसे ज्यादा 10 मामले उत्तर प्रदेश में, 9 हरियाणा , 6 गुजरात, 6 कर्नाटक, 4 मध्य प्रदेश, 4 दिल्ली और 4 राजस्थान में दर्ज किए गए।
आपको बता दें पांच प्रतिशत मामलों में आरोपियों के गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है। वहीं 13 मामलों में पुलिस ने पीड़ितों के खिलाफ भी केस दर्ज किए गया है।

लेख साभार: इंडियास्पेंड