गौरी लंकेश हत्याकांड के लिए कर्नाटक सरकार ने ख़ास समिति बनाई

फोटो: फेसबुक/गौरी लंकेश जस्टिस

वरिष्ठ महिला पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की जांच के लिए कर्नाटक सरकार ने एसआईटी, यानी एक ख़ास संघटन का निर्माण किया है, लेकिन जांच में अब तक कोई बड़ा सुराग हाथ लगने की खबर नहीं है।
ज्ञात है कि गौरी ने अपने घर के बाहर 15 दिन पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। पुलिस अब उनमें सुराग तलाश रही है। ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या गौरी को ऐसे किसी हमले की आशंका पहले से थी, जिसके चलते उन्होंने 15 दिन पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे?
वहीँ, गौरी लंकेश के भाई ने हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया भी सीबीआई जांच की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से कल जारी एक बयान में भी कहा गया कि राहुल और सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से कहा है कि वो गौरी लंकेश के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करवाएं।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर उनके मंत्रालय ने भी कर्नाटक सरकार से वारदात के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस वारदात से जुड़े सभी तथ्यों की पूरी जानकारी मांगी है। साथ ही वारदात में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए की जा रही कार्रवाई का ब्योरा देने को भी कहा है।
वहीँ, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कर्नाटक महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा ‘पार्टी हाइ कमान ने राज्य सरकार को इस मामले में कड़ी जांच प्रक्रिया, दोषी की गिरफ्तारी कानून के तहत सख् सजा देने का आदेश दिया है।‘ कांग्रेस नेता ने आगे बताया कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के इस संदेश को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया राज्य के गृहमंत्री तक पहुंचा दिया है।
सोनिया ने कहा, ‘’देश में पत्रकारों, स्वतंत्र विचारों वाले लोगों और तर्कवादियों की लगातार हो रही हत्याओं ने ऐसा माहौल बना दिया है कि वैचारिक असहमति, मतभेद और अलग राय रखने की वजह से किसी की जान ली जा सकती है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और किया जाना चाहिए। ये हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद दुख की घड़ी है। ये वारदात हमें इस डरावनी सच्चाई की याद दिलाती है कि हमारे समाज में असहिष्णुता और कट्टरता बढ़ती जा रही है। कांग्रेस पार्टी इस हमले की निंदा करती है और मौजूदा माहौल में तर्कवादियों, स्वतंत्र विचार रखने वालों और पत्रकारों के साथ एकजुट होकर खड़ी है।’’
गौरतलब है कि कन्नड़ पत्रकार औरलंकेश पत्रिकाकी संपादक गौरी लंकेश की मंगलवार को बेंगलुरू में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गौरी लंकेश अपने दक्षिणपंथ विरोधी विचारों के लिए मशहूर थीं।