गौरक्षा के नाम पर अलवर में एक मुस्लिम की हत्या

फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स

अलवर जिले में गौरक्षा के नाम पर लूटपाट करने वाले गैंग ने अलवर जिले से गाड़ी में गाय लेकर भरतपुर के घाटमिका गांव जा रहे तीन मुस्लिम युवकों पर गैंग ने हमला कर दिया। हमले में गोली लगने से उमर खान की मौके पर मौत हो गई। जबकि उसके साथी ताहिर का हरियाणा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, ड्राइवर जावेद उर्फ जफ्फार हरियाणा के नूह में निजी अस्पताल में भर्ती है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी नाबालिग है। उसकी उम्र 16 साल है। उसे बाल अपचारी अपराध की धारओं के तहत उसे गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि इसके गैंग के 6 लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। उमर की हत्या के बाद उसके शव को रेलवे लाइन पर हादसा दिखाने के लिए रख आए थे।
पुलिस बाकी के 6 आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस नाबालिग ने गोरक्षा दल बना रखा है। यह दल हाईवे पर लूटपाट करता है। लोगों के पर्स छिनने से लेकर लूट की गाड़ियों को आटो पार्टस भी बेचने का काम करता है। उधर, बाकि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर मेव समाज आज अपने आंदोलन की घोषणा करेगा।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग गोरक्षक बनकर कर लूट की वारदात को अंजाम देती थी। आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से उमर खां की हत्या कर शव को रेलवे पटरी पर डाल दिया था और गाड़ी के टायर और इंजन के पार्ट्स चोरी कर फरार हो गए थे।
वहीं, इस मामले में मृतक उमर के परिजनों का आरोप है कि पुलिस के साथ हिंदूवादी संगठन के लोगों ने गाय लेकर जा रहे युवकों से मारपीट की इसके बाद गोली मार कर हत्या की गई और शव को रेलवे पटरी पर डाला गया है ताकि शव की शिनाख्त ना हो सके।