गैस चूल्हा मिलै से कुछ फायदा नहीं भा आज भी लकड़ी काट के खाना बनाइत हन

लकड़ी काट के पालित हन पेट

सरकार उज्जवला  योजना तो शुरू कई के मडइन का गैस चूल्हा बटवा दिहिस, पै या कत्तो नहीं सोचिस कि जिनका गैस सिलेंडर मिले हवैं उई दुबारा गैस भरवावै खातिर रुपिया कहा से पइ हैं।चित्रकूट जिला मा या बात का लइके मेहरिया बहुते परेशान हवैं। उई जबै गैस नहीं रहै तबहूनें लकड़ी काट के आपन पेट पालत रहें अउर आज भी उई लकड़ी काट के पेट पालत हवैं।
सरकार के योजना से कउनो फायदा नहीं भा आये यहै कारन मडइ बहुतै परेशान हवैं। मानिकपुर ब्लाक के लोगन का कहब हवै कि अगर सरकार गरीबी मिटावै चाहत हवै तै उनका पूरतान से सुविधा दे नहीं तो मडइन के साथै खिलवाड़ करै के जरूरत नहीं आय। हम गरीब हन अउर  गरीब रहिवै हमार गरीबी कउनो नहीं मिटा सकत हवैं बस गरीबन के नाम से आपन जेब भरै मा जरुर लग जात हवैं। हम जहा हन होइने रहित हन। येहिसे नीक तो सरकार  कउनो योजना न शुरू करै। सरकार योजना शुरू तौ करिस हवै, पै का सोच के सिलेंडर का दाम बढ़ाइस  हवै?
यहिसे आम जनता का कउनो फायदा  नहीं आय ? गरीबन बस के बात नहीं आय महंगाई के कारन आम जनता भी नहीं खरीद सकत आही? सरकार आखिर  महंगाई मिटावै चाहत हवै या महंगाई के मार से सब का परेशान करै मा लाग हवै? सरकार  के या उज्जवला योजना तो शुरू होये के बाद बंद होये के कगार मा हवै। का शासन प्रशासन का यहिके बारे मा जानकारी नहीं मिलत आये?  काहे जनता के साथै इनतान का खिलवाड़ कीन जात हवै? यहिकर  जवाब हवै कउनो के लगे?