गृह मंत्रालय: प्लास्टिक के नहीं, कागज के झंडे फहराएं

साभार: विकिपीडिया

स्वतंत्रता दिवस से पूर्व गृह मंत्रालय ने भारत सरकार के मुख्य सचिवों/राज्य सरकारों/संघ शासित प्रदेशों के प्रशासकों, सभी मंत्रालयों/विभागों के सचिवों को सलाह दी है जिसके अंतर्गत भारत की ध्वज संहिता, 2002 और राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम, 1971 के अंतर्गत अपमान की रोकथाम के लिए दिए गए प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है
सलाह में कहा गया है कि भारत की ध्वज संहिता, 2002 के प्रावधानों में जनता के द्वारा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल समारोहों में सिर्फ कागज से निर्मित ध्वजों का उपयोग किया जाता है और इन कागज के ध्वजों को समारोह के समाप्त होने के पश्चात भूमि पर डालते हुए इन ध्वजों की सम्मान के साथ व्यवस्था की जानी चाहिए प्लास्टिक से निर्मित राष्ट्रिय ध्वजों का व्यापक रूप से उपयोग करने के लिए मीडिया में इसका प्रचार करना चाहिए
सलाह में दोहराया गया है कि राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए ध्वज के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए