गुस्से में गांव, पुलिस ने चलाईं गोली और लाठियां

बाप से छीनकर नदीं में फेंकी लड़की की लाश
29-07-15 Kshetriya Hamirpur - Binwar Thana webजि़ला हमीरपुर, ब्लाक मुस्करा, गांव बिंवार। गांव में 25 जुलाई को लड़की के साथ हुई छेड़छाड़ और फिर लड़की की आत्महत्या के मामले को लेकर गांव के लोगों में गुस्सा है। तनाव को देखते हुए पी.ए.सी तैनात है। उधर मामले को ठीक से न संभालने के कारण यहां के एस.पी. डी.पी. सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।

25 जुलाई को बारहवीं में पढ़ने वाली एक लड़की ने छेड़छाड़ के मामले को लेकर आत्महत्या कर ली। लड़की की मां किरन खरे ने बताया कि कोचिंग जाते समय गांव के कुछ लड़कों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर उसे मारा पीटा।

लड़की के बाप और चाचा उन लड़कों की खोज में निकल गए इधर लड़की ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली। लड़की को उसी हालत में लेकर उसकी मां और पड़ोस के लोग बिंवार थाने में पहुंचे। जहां पुलिस ने रिपोर्ट लिखने की जगह उन्हें पहले इलाज कराने की सालह दी। इसके बाद यह लोग मौदाहा थाने पहुंचे जहां रिपोर्ट दर्ज हुई। मगर जिला अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद लड़की मर गई।

लड़की की मां ने बताया कि लड़की ने उसे बताया था कि गांव के जितेंद्र यादव और भूरा के साथ एक और लड़के ने उससे छेड़छाड़ की। विरोध करने पर मारपीट की। उधर लड़की के मरने की खबर मिलते ही बिंवार गांव समेत आसपास गांव के लोग भी आ गए। हज़ारों की संख्या में लोगों ने सड़क पर लाश रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने लाठी चार्ज किया, गोलियां चलाईं। इसमें तीन लड़कों को गोली लगी। दो की मौत हो गई, एक गंभीर स्थिति में है। पुलिस का कहना है कि उसने हवा फायर किया था। गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाडि़यां फूंक दीं। लड़की के बाप राजकुमार खरे ने बताया कि पुलिस ने ज़बरदस्ती उससे पंचनामा लिखाकर लड़की की लाश के साथ गोली से मरे लड़के का शव भी नदी में फेंक दिया।

पुलिस ने बताया कि करन यादव के बेटे भूरा और जितेंद्र यादव गिरफ्तार हो चुके हैं। धारा 304 यानी गैर इरादतन हत्या, धारा 306 यानी किसी को आत्महत्या के लिए उकसाना, धारा 323 यानी मारपीट, धारा 354 (ख) किसी महिला के साथ यौन हिंसा करने के इरादे के साथ हमला करने जैसी धाराएं लगाईं गईं हैं। उधर पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले लोगों में से चांैतीस लोगों पर दंगा भड़काने की धाराएं लगाकर सत्रह लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। सरकार ने लड़की के घर वालों और लड़कों के घर वालों को पांच-पांच लाख और घायलों को एक-एक लाख का मुआवज़ा दिया। यहां के डी.आई.जी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि लोग घरों में घुसे है उन्हे समझाने की कोशिश कि जा रही है।

तो क्या इस गांव में इतनी सुरक्षित हैं महिलाएं
यहां के पुलिस रिकार्ड को सच मानें तो पिछले एक महीने में एक भी छेड़छाड़ का मामला दर्ज नहीं हुआ है। जबकि गांव वालों का कहना है कि इस मामले में आरोपी दोनों लड़कों का परिवार बहुत दबंग है। यहां अक्सर छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। मगर रिपोर्ट लिखवाने जाओ तो पुलिस भगा देती है।