गुजरात में दलित युवकों की पिटाई के बाद विरोध प्रदर्शन जारी

gujarat-cowबीते हफ्ते एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ जिसमें कुछ लोग सरेआम चार दलित युवकों की पिटाई करते दिख रहे थे। इन युवकों की कमीजें उतार दी गई थीं और इन्हें डंडे से मारा जा रहा था। यह वीडियो गुजरात के ऊना का है। अहमदाबाद से करीब 360 किलोमीटर दूर ऊना के ये दलित युवक मरी हुई गायों की खाल उतारने का काम करते थे। इसी बात से नाराज होकर कथित गौरक्षा दल के सदस्यों ने इन युवकों की पिटाई की थी।

इस घटना के बाद गुजरात के कुछ हिस्‍सों में हिंसा फैल गई। प्रदर्शनकारियों ने राजकोट जिले में धोराजी कस्‍बे में दो सरकारी बसों को जला दिया। जामनगर के धरोल कस्‍बे में भी एक सरकारी बस को आग लगा दी गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने राजकोट से पोरबंदर को जोड़ने वाले एनएच-27 को भी ब्‍लॉक कर दिया।

इससे पहले सोमनाथ जिले में दलित परिवार से मारपीट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सात लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया। दलितों ने पूरे राज्‍य में प्रदर्शन करते हुए गौ रक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राजकोट जिले के गोंदल शहर में एक कांग्रेस पार्षद सहित पांच दलितों ने फिनाइल पी लिया। उन्‍होंने आरोप लगाया कि प्रशासन आरोपियों पर नरम रूख अपना रहा है।

इसी तरह से जामकंदोरणा में भी दो लोगों ने कीटनाशक पी लिया। इन दोनों की हालत नाजुक है। सुरेंद्रनगर, सूरत और नवसारी जिलों में भी प्रदर्शन हुए। सुरेंद्रनगर में प्रदर्शनकारियों ने मवेशियों के कंकालों से भरी पांच गाडि़यों के साथ जिला कलेक्‍टर के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन और बढ़ते विरोध को देखते हुए गुजरात मुख्‍यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। पीड़ितों का इलाज चल रहा है और उनके लिए एक लाख रूपये का मुआवजा आबंटित किया गया है। इसके साथ ही एक पुलिस निरीक्षक और तीन कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है।

गोरक्षा के नाम पर की जाने वाली यह पहली घटना नहीं है बल्कि ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं जहां गाय तस्करों या गाय चमड़ा तस्करों को मारा और पीटा गया है। जून में ऐसा ही एक मामला सामने आया था जिसमें हरियाणा में बीफ ले जा रहे दो लोगों को गाय का गोबर, दही, घी खिलाने और गोमूत्र व दूध पिलाया गया था। अखलाख का मामला भी सबके सामने है जिसमें बीफ़ के शक पर घर में घुस कर पिता और बेटे को बुरी तरह से डंडों से पीटा गया था। जिसमें पिता अखलाख की मौत हो गयी थी और बेटा मरणासन्न अवस्था में पहुँच गया था।