गांव गांव मा बढ़ा खसरा कै प्रकोप

गर्मी बढ़तै गांव व नगर मा नई नई विमारी दिन प्रतिदिन जन्म लियत बाय। एक तौ पुरवाई हवा विमारी हइयै बाय दुसरे गर्मी व तेज तपन मा लड़िका व सयान जेकरे भी धूप लागत बाय उहै बिमारी के चपेट मा आय जात बाय।
जमीन के अन्दर पानी कै मात्रा कम हुवय से जमीन से जहर निकरत बाय। भयंकर विमारी जैसे चेचक कालरा टायफाइड आये दिन बढ़तै जात बाय। जैसे तारुन ब्लाक के गनेशपुर मा खबर लहरिया पत्रकार द्वारा खुद जाए के देखा गै कि कुछ बच्चन के चेचक जेका गांव मा मातारानी कहाथिन निकरा बाय। अउर कुछ के उल्टी कालरा कै शिकायत बाय। डाक्टरन के काफी समझावै के बादौ गांव कै मनई दवा खिलावै से डेरात अहैं कि मातारानी कोप जइहैं। जबकि यहि गांव से दुई गेदहरा कै मउत भी होइगै। गांव मा मातारानी का शान्त हुवय के ताई पूजापाठ भी हुवत बाय। जबकि गांव मा यतनी गन्दगी बाय कि जिधर देखा जाए उधर ही पानी कै जमाव बाय। गांव मा पानी कै बहाव न हुवय से मच्छरन कै भरमार बाय। जेकरे चपेट मा आइके मनई परेशान अहैं।
गांव मा यहि तरह कै बीमारी फैलय यकरे पहिले आशा ऐनम द्वारा दवा बांटी जाथै लकिन कुछ मनई नाय खिलउतिन। कहूं कहूं अबहीं भी मातारानी कै मान्यता बाय डाक्टर भी जल्दी दवा नाय देतिन। यहि गांव मा भी डाक्टरन कै टीम हर दिन जात बाय लकिन दवा न खिलावै से ज्यादा हुवत बाय। डाक्टरन कै कहब बाय कि दवा वितरित कीन गा बाय जल्द से जल्द यकै रोकथाम कै जाये।