गांवन के सड़क से ख़राब राष्ट्रीय राज मार्ग

सड़क खराब होय से होत दुर्घटना

सरकार का कहब हवै कि गांव हो या शहर हर जघा के सड़कन के हालत बहुतै नीक हवैं। पै देखै से लागत हवै कि कउनौ नेता मंत्री चित्रकूट से मऊ तक के सड़क के हालत शायद कइयौ साल से नहीं देखिन। जहां आय दिन दुर्घटना होत हवै। सड़क ऊबड़-खाबड़ होय के कारन मड़ई पैदल चलै तक मा भी चोटा जात हवै या सड़क पिछले पांच साल से ख़राब हवै, पै 2015 मा सड़क के मरम्मत करवाई गे रहै। जेहिमा कर्वी से मऊ तक जाये मा सात पुलिया पड़त हवैं उंई पुलिया 2016 मा बनवाइगे रहैं जेहिमा ख़राब सामान लाग रहै। या कारन पुलिया फेर से ख़राब होइ गें हवै। या कारन साधन निकरै मा रोज दुर्घटना होत हवैं। कउनौ भी सड़क बनबावै खातिर नही सोच आही। कहे का तौ राष्ट्रीय राज मार्ग हवै देखे मा तौ लाग हवै कि ऐसे नीक तौ गांवन के सड़क हवै 2015 मा सड़क अउर पुलिया बनवाये मा करोड़न रुपिया खर्चा भा रहै पै पुलिया अउर सड़क देख के तौ लागत हवैं कि शायद लाखौ रुपिया भी ना खर्चा भा होइ 2016 मार्च मा बने पुलिया अउर सड़कन के हालत येत्ती जल्दी कसत ख़राब होइ सकत हवैं? एक सड़क अउर पुलिया कम से कम पांच साल तौ चलै का चाही। सरकार का चाही कि सड़क बनवाये वाले ठेकेदार का जब टेंडर दें तौ उनके साथ सर्त होय का चाही कि सड़क पांच साल तक न चलै तौ कारवाही कीन जई।

सड़क खातिर परेशान मड़ई

चित्रकूट से मऊ पचास किलो मीटर दूर हवै जेहिमा एक घंटा बस मा लागै का चाही पै सड़क अउर पुलिया ख़राब होय के कारन ढाई ढाई घंटा मडईन का सफर करै का पडत हवै। सड़क से लगे गांव वालेन का भी काफी परेशानी उठावै का पड़त हवै काहे से सड़क मा जाम लागै से घंटन उनके दुआरे मड़इन का बइठै का परत हवै। कबै बनी कर्वी से मऊ के सड़क कत्तौ या राष्ट्रीय राज मार्ग बनी या नाम खातिर रही। कहे का तौ चित्रकूट मण्डल हवै पै मण्डल के सड़क के या हालत कत्तौ सरकार का देखई या नहीं या सरकार केवल नवा नवा मुददा बस फेंकत रही?

इनतान हवैं राष्ट्रीय राजमार्ग

गरीब जनता मड़ई कत्तौ नोटबंदी मा परेशान तौ कत्तौ सूखा बरसात से परेशान रहत हवैं। कत्तौ जनता का अपने बारे मा सोचै का समय मिली या यहितान? एक के बाद एक समस्या मा उंई फंसे रहि है? कबै बदली हमरे हिंया के सड़क का यहै आये अच्छे दिन सरकार ताल ठोक-ठोक के कहत हवै कि अब अच्छे दिन आ गे हवैं का यहै अच्छे दिन आहीं जनता सड़क लइके का येत्ता गुस्सा मा हवै कि अब हम धरना प्रदर्शन करवै अगर कर्वी से मऊ के सड़क अउर पुलिया के हालत न सुधरी। कउनौ अधिकारी कहत हवै कि झांसी मण्डल मा या सड़क आवत हवै तौ कउनौ कहत हवै चित्रकूट मण्डल मा हवै। हमका मण्डल से कउनौ मतलब नहीं आये हमैं तौ सड़क अउर पुलिया बनै का चाही रुपिया ठेकेदार के जेब मा नही।