गर्मी और धूप में कोई लस्सी पिला दे, तो बस! चलिए महोबा, विनोद की दुकान पर.

जिला महोबा, शहर महोबा सूरज की गर्मी जैसे जैसे बढ़त जा रई बैसे बैसे ही विनोद की लस्सी की मांग बढ़त जा रई। विनोद की दुकान महोबा बसस्टैंड पे हे। अठारह साल से विनोद अपनी लस्सी से आदमियां को दिल खुश कर रए।
विनोद ने बताई के हम जो धंधो अठारह साल से कर रए। पहले हमाय पापा करत ते लस्सी बनाबे में दही, शक्कर, रुआवजा, बर्फ, गुलाबजल डारत।दूध को पहले पका के फिर फैट के जमाओ जात।
सबेरे नौ बजे से रात के बारह बजे तक चलत दुकान। दूध ग्राहकन से आत रुपइया देओ सो सब मिल जात।
अशोक कुमार पाठकर ग्राहक ने बताई के हम लस्सी पीबे इते दस साल से आ रए। इते की लस्सी जैसी और कितऊ नइ मिलत। और बहुत अच्छी और गाड़ी और दस रुपइया में मिलत।
जागेश्वर ग्राहक ने बताई के लाइन लगत जब मिलत और कोल्डड्रिंक और जा लस्सी में अंतर हे कोल्डड्रिंक से कछू ही लाभ नइ मिल हे। लेकिन लस्सी पीबे से कछू न कछू लाभ जरुर हुए।

रिपोर्टर- सुनीता

 

12/05/2017 को प्रकाशित