खुलै मा रहै का मजबूर मनई

22-08-13 Taza aawas 1फैजाबाद अउर अम्बेडकर नगर मा कुछ मनईन कै आवास के दुसरे किस्त कै पैसा नाय आय बाय। दसन साल होइगा खुले मा रहै का मजबूर अहै।
सरकार गांवन के गरीब मनइन का इन्द्रा आवास लोहिया आवास जैसेन सुबिधा दिया थै। जेसे मनई छत के नीचे आराम से रहि सकै। उनका बरसात जाड़ा गर्मी मा कउनौ दिक्कत न झेलै का परै। मनई टुटहे छप्पर के नीचे जीवन यापन कराथिन। कइयो गांव मा मनइन का इन्द्रा आवास मिला। दीवार खड़ी कै दीन गै। लकिन दुसरे किस्त कै पैसा दसन साल बादौ नाय आय जवन छान छप्पर कै घर रहा उहौ गिराय के दीवाल खड़ी करिन। अब तौ छप्परौ जइसेन घर नाय रहिगा। अब तौ दुसरे के घर या खुले मा रहै का मजबूर अहै।
मया ब्लाक के रामनगर मिश्रौली गांव षिवगढ़ कै रामखिलावन , मेवालाल अउर छोटेलाल का लगभग तेरह साल होइगा दीवाल खड़ी करे। अबहीं तक दुसरे किस्त कै पैसा नाय आय। पै सब प्रधान सिकरेट्री ब्लाक जिला कै चक्कर काटिके थक चुका हइन। लकिन पैसा के नाम पै बजट न हुवय कै आष्वासन मिलत बाय। ऐसे मा दूसरे के घर मा फिर छप्पर मा रहै का मजबूर अहै। अबहीं तक तौ चुनाव हुवय कै बात कहिके अधिकारी मनईन का लउटाय दियत अहै। सोचै वाली बात बाय कि का तेरह साल से चुनावै चलत बाय। या फिर अब तक बजट नाय आय। एक तरफ मनई खुले आसमान के नीचे रहै का मजबूर अहै। दुसरे उनके समस्या पे ध्यान नाय दिया जात बाय। यही से मनई आंदोलन करै का बाध्य हुआथै।