खाप पंचायत को रोके केंद्र सरकार नहीं तो देना होगा दखल: सुप्रीमकोर्ट

साभार: विकिपीडिया

अंतर्जातीय विवाह करने वाले बालिग प्रेमी जोड़ों पर खाप पंचायत की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त कार्यवाही करने को कहा है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि कोई भी बालिग लड़का और लड़की शादी कर सकते हैं। कोई भी खाप पंचायत या फिर संस्था उन्हें ऐसा करने से नहीं रोक सकती है। इस दौरान केंद्र सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर केंद्र सरकार खाप पंचायत पर प्रतिबंध नहीं लगाती है तो हमें इस मामले में दखल देना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने 16 जनवरी को सुनवाई के दौरान खाप पंचायतों के फरमान और लव मैरिज करने वाले जोड़ों पर हमलों को नहीं रोक पाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। एनजीओ शक्तिवाहिनी संगठन की ओर से 2010 में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने ये बात कही. इस याचिका में ऑनर किंलिंग(सम्मान के लिए हत्या) जैसे मामलों पर रोक लगाने के लिए दिशानिर्देश देने की मांग की गई है।