क्यों किया किसानों ने आत्मदाह का ऐलान जानिए बांदा जिले के इस वीडियो में

बांदा जिला के करबई गांव मा ट्यूबवेल नम्बर- 245 खराब है। यहै कारन हेंया के किसान बहुतै परेशान हैं काहे से उनकर खेती सूखी जात है। किसानन का आरोप है कि हम 5 जनवरी का खराब ट्यूबवेल जमा कइ दीने रहै हन। एक महीना से अधिकारिन के चक्कर लगावत हैं पै अबै तक सुनवाई नहीं भे आय। विभाग हमसे घूस मांगत है अउर आज कल कइके काम का टालत है।
हबीब का कहब है कि हम धरना प्रदर्शन करबै अउर मिट्टी का तेल लइके जइबै, हमार सुनवाई न होइ तौ आत्महत्या कइ लेबै। काहे से हम गरीब खेती सूखे से आपन बच्चन के पेट न भर पइबै तौ का करबै। विभाग कहत है कि जान के ट्यूबवेल जला दीने हौं। जफर अली का कहब है कि किसान भूखे के कगार मा हैं। एक कइत पानी से परेशान है तौ दूसर कइत अन्ना जानवर के समस्या खतम होय का नाम नहीं लेत आय।हेंया के किसान बहुतै गरीब हैं। एक-दुई बीघा बटाई के खेत मा खेती करत हैं। बिंदा प्रसाद का कहब है कि ट्यूबवेल बिगड़े से लगभग पांच सौ बीघा खेतन के सिंचाई नहीं होइ पावत आय। बलुआ बताइस कि ट्रैक्टर के जोताई, बीज, खाद अउर मजदूरी मा लगभग तीन हजार रुपिया लाग चुके है। खेती सूखे से अब कुछौ न निकली।
नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता लक्ष्मीनारायण का कहब अहै कि एक ट्यूबवेल आठ दिन से बंद है काहे से वहिके पम्प खराब है। ट्यूबवेल जल्दी बनवावा जई।

रिपोर्टर- गीता देवी और शिवदेवी

Published on Feb 1, 2018