क्या लड़की कोई चीज़ है, जो उसे “रखने” की बात करतें हैं? चित्रकूट जिले में फिर जीती पित्रसत्तात्मक सोच

जिला चित्रकूट, ब्लाक मऊ, गांव बोझ, मजरा अरवारी प्रेम कहानी का समाज मा पता चलतेन लड़का लड़की आपन सम्बन्ध तोड़ दे हवै। बुन्देलखण्ड जइसे पितृसत्ता वाली जघा मा तौ प्रेम कहानी मा लडकी का ज्यादा दोषी मना जात हवैं। या दोष तबै अउर ज्यादा बढ़ जात हवै जबै लड़की गर्भवती होई जात हवै। लड़की अउर लडकी के बच्चा के बारे मा कोऊ नहीं सोंचत उल्टा लड़की का परिवार अउर समाज लड़की का कलंक मानत हवैं।
लड़की कोल अउर लड़का यादव होय के कारन या समस्या अउर उलझ जात हवै। लड़की का कहब हवै कि मोर पेट मा छह महीना का बच्चा हवै पै डेर के मारे आपन परिवार से नहीं बताये आहूं।
लड़की के महतारी गुलवसिया बताइस कि भाभी के बहिनी से पेट मा बच्चा होय के बात पता लाग हवै। लड़की के बुआ विमला अउर कविता बताइन कि लड़का लड़की का शादी कइके राखे का कहत हवै, पै वहिकर परिवार लड़की का नहीं राखे चाहत आय। छोट जाति के कारन हमार साथ इनतान के घटना होत रहत हवै। पै लड़की का नियाव मिले का चाहीं। लड़का का लड़की से शादी करै का पड़ी चाहे यहिके खातिर हमें कर्वी तक जाये का पड़े।
लड़का के महतारी बिटोल बताइस कि हमार लड़का का घर से बोला के लई जात रहै। हमें कत्तो इनतान के बात का पता नहीं चला आय।

रिपोर्टर- सुनीता देवी

 

07/06/2017 को प्रकाशित