क्या पानी के आभाव में गुमनाम हो जाएगा महोबा का मशहूर आम का पेड़

महोबा जिले के कुलपहाड़ कस्बे में ऐसा आम का पेड़ है जिसकी चर्चा जिले भर में होती है। ये पेड़ जितना विशाल है उतना ही मीठा इसका फल है। चालीस साल पुराने इस आम के पेड़ का जीवन खतरें में है। क्योंकि इसे पानी बड़ी मुश्किल से पा रहा है।

नन्दन का कहना है कि पेड़ को सींचने के लिए एक दिन में कम से कम दो घड़ा पानी लगता है। इसका फल एक किलो का होता है अगर पानी मिल जाये तो। इस समय इसका फल एक पाव का मिलने लगता था लेकिन इस साल पानी न मिलने के कारण अभी ये 50-50 ग्राम का है। पानी मिले तो फल बढ़े बिन पानी के ये छोटा छोटा है।  अच्छा फल हो तो कम से कम पचास हजार का फायदा देता है। ऐसे में तो छह से सात हजार तक का फायदा देता है। जस्सी ने बताया कि अगर हम यहां आ जाते हैं तो सिंचाई कर देते हैं नहीं तो ऐसे ही पड़ा रहता है। अगर हम कहीं बाहर कमाने चले जायें तो इस पेड़ की सेवा कौन करेगा। यहां रहे तो कम से कम छह महीना तक पानी डालते हैं। मुन्नू दुकानदार ने बताया कि महोबा जिले में ऐसा आम का पेड़ नहीं मिलेगा जब अमिया आती है तो उस समय ये आम एक पाव का मिलने लगता है। ये पेड़ यहां नहीं है। इसको बाहर से लेकर लगाया गया है। रामाअधार ने बताया कि सब लोग कहते है कि ऐसा आम का पेड़ कहीं नहीं मिलेगा।बहुत अच्छा पेड़ है। लेकिन हमें तो कहीं नहीं देखा ऐसा आम का पेड़।

रिपोर्टर: श्यामकली

Uploaded on Apr 25, 2018