कौन सुनाएगा फैसला जब जज ही नहीं!

साभार: नया इंडिया
साभार: नया इंडिया

देश के 24 उच्च न्यायालय जजों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। न्यायिक व्यवस्था में सुधार की वकालत की जाती है। लेकिन हालात ये है कि जजों की कमी से लंबित मुकदमों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
एक आंकड़े के मुताबिक देश के 24 उच्च न्यायालयों में जजों के 43 फीसद जगह खाली हैं। देश के सभी उच्च न्यायलयों में जजों के 1079 पद स्वीकृत हैं। लेकिन 464 पदों पर भर्ती नहीं हो सकी है। आंध्रप्रदेश में सर्वाधिक 63 फीसद जगह खाली हैं। कुल 464 खाली जगहों में से 355 पद सिर्फ 10 उच्च न्यायलयों में खाली हैं। इलाहाबाद हाइकोर्ट में जजों के 83 पद खाली हैं।