कोई मुझसे दूर तो जा सकता है लेकिन भूल नहीं सकता

rizwana-copyमेरा नाम कायनात है। बात तब की है जब मैं ग्रेजुएशन में थी और अपनी सहेली के साथ कॉलेज की बालकनी में खड़ी होकर बात कर रही थी, तभी एक लड़का मुझे सामने से आता हुआ दिखाई देता है। जो काफी स्मार्ट लग रहा था। मैं अपनी सहेली को बोलने ही वाली थी कि तब तक वो बोल पड़ी कि उसके भैया आ गए और वो जा रही है। मैंने उसी दिन अपनी अम्मी से उस लड़के के बारे में बात की लेकिन अम्मी ने उसकी बात करने से मना कर दिया।
मैं ग्रेजुएशन के आखिरी साल में थी और जनवरी 2015 में मेरी सहेली की शादी भी थी। मैं एक जगह पर कप्यूटर क्लास के लिए जाती थी। वहीं पर वो लड़का भी आता था। वो मुझसे बातें तो नहीं करता था। लेकिन ऐसा लगता था कि वो मुझसे कुछ कहना चाहता है। एक दिन उस लड़के ने अपनी बहन यानी कि मेरी सहेली के मोबाइल से मेरा नंबर निकाल कर मुझे रात को 9 बजे बहुत रोमांटिक सा मैसेज भेजा। उसके बाद लगभग हर रोज हमारी बातें होने लगीं थीं।
मैं बिजी थी इसलिए अपनी सहेली की शादी में नहीं जाने वाली थी लेकिन वो लड़का बोला कि मेरे लिए दोस्त की एहमियत नहीं है इसलिए नहीं जा रही हो। मेरी अम्मी भी बोली कि इतनी बार वहां से कॉल आ रहा है तो चली जाओ। मैं मान गयी और शादी से एक दिन पहले वहां गई। हम सबने वहां मेहंदी लगायी और बातें करके सो गये। मैं भी अपनी दोस्त और उसकी अम्मी के पास सोई हुयी थी लेकिन वहां लाइट जल रही थी तो मुझे नींद नहीं आ रही थी। तब वो लड़का वहां पर आया और लाइट बंद करके चला गया। दूसरे रूम से वो मुझे मैसेज करके बोलता है कि तुम्हें तो नींद आएगी नहीं, तो मुझे सुबह चार बजे जगा देना। मैंने पूछा कि कॉल करके जगाउं या मैसेज करके। वो बोलता है कि ‘‘पास आकर जगाना’‘।
प्यार वाला फरवरी का महीना भी हमारा ऐसे ही प्यार भरी बातों के साथ गुजर गया। अब मार्च का महीना था। इस महीने में मेरा एक इग्जाम था। इसी बीच उसने मुझसे मिलने के लिए कहा। मैंने हां बोल दिया था। उस दिन हम पहली बार मिलें। मैं सोच भी नहीं सकती थी कि वो मेरे लिए एक सरप्राइज प्लान किया हुआ था। वो मुझे एक छोटे से रिसोर्ट में ले गया। जो हल्की ग्रीन लाइट से सजा हुआ था। वहां के फ्लैशिंग बोर्ड पर मेरा नाम फ्लैश हो रहा था और उसपर लिखा था “कायनात आई लव यू”। इसे देखते ही मैं अंदर से खुशी के मारे पागल हुए जा रही थी। लेकिन दिखावे के लिए मैंने बोला कि ये क्या है? तब वो फिल्मी स्टाइल में हीरो की तरह घुटने के बल बैठा कर, हाथों में गुलाब का फूल लेकर बोला- कायनात आई लव यू। मै तुमसे बहुत प्यार करता हूं और तुमसे शादी करना चाहता हूं। मैं बहुत खुश हुई। और हम वहां पर करीब दो घंटे तक रहे।
वो मुझसे आठ साल बड़ा था। क्योंकि वो अपने घर में सबसे बड़ा लड़का था इसलिए उसकी शादी जल्दी होनी थी। हम दोनों ने ही अपने-अपने परिवारों से इस बारे में बात की थी लेकिन हमारी बात किसी ने नहीं सुनी। न चाहते हुए भी हमें अपने रास्ते अलग करने पड़े। मुझे भी अभी पढ़ाई पर ध्यान देना था और अपना करियर देखना था।
उसकी शादी तय हो गयी। जहाँ उसकी शादी हो रही थी वहां मेरा एक दोस्त था। मैंने उससे कहा कि वो दूल्हे का फोटो ले कर मुझे भेज दे। जब मेरे दोस्त ने फोटो भेजा तो उस दूल्हे की रोती हुई लाल आखें मानों ऐसा कह रही थी कि ‘वो मुझसे दूर तो जा सकता है लेकिन कभी भूल नहीं सकता’।

यह लेखन चित्रकूट जिला में एजेन्ट ऑफ इश्क द्वारा किये गये वर्कशॉप में लिखा गया था।