कॉमवेल्थ खेलों में 66 मेडल के साथ भारत तीसरे स्थान पर, रचा इतिहास

साभार: राहुल गाँधी/ट्विटर

21वें कॉमवेल्थ खेलों के आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों ने दम दिखाया और उम्मीदों पर खरे उतरते हुए ग्लास्गो के 64 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। कुल मिलाकर भारत ने 66 पदक जीते। इनमें 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल हैं।
कॉमनवेल्थ खेलों में ये भारत का अभी तक का तीसरा सर्वश्रेस्ट प्रदर्शन रहा। खेलों और 10वें दिन का आखिरी पदक बैडमिंटन पुरुष डबल्स में सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की फाइनल में हार के साथ रजत के रूप में आया।
इससे पहले बैडमिंटन के महिला सिंगल्स इवेंट में गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल दोनों पर भारत ने कब्जा कर लिया है। सायना नेहवाल ने बैडमिंटन के महिला सिंगल्स फाइनल में पी.वी. सिंधु को हराकर स्वर्ण पदक जीता लिया है, वहीं पी. वी. सिंधु को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
दुनिया के नंबर एक पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने सिल्वर मेडल हासिल किया। वहीं पुरुष डब्ल्स के बैडमिंटन फाइनल में सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग चंद्रशेखर रेड्डी ने सिल्वर मेडल हासिल कर लिया। इन दोनों को फाइनल में इंग्लैंड के खिलाड़ियों से मात मिली।
गोल्ड मेडल के लिए आखिरी मुकाबला भारत की सायना और पी.वी. सिंधु के बीच खेला गया। सायना ने सिंधु को 21-18, 23-21 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
किदांबी श्रीकांत स्वर्ण पदक जीतने में नाकाम रहे।
इसके बाद पुरुष डब्ल्स के बैडमिंटन फाइनल में सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिल्वर मेडल हासिल किया। इन दोनों को फाइनल में इंग्लैंड के मार्कस एलिस, क्रिस लैंग्रिज ने हराया।
दिन की शुरुआत में टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स मुकाबले में भारत को कांस्य पदक मिला।