कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के लिए पहला स्वर्ण मीराबाई चानू ने जीता

साभार: अमित शाह/ट्विटर

भारतीय महिला भारोत्तोलक साएखोम मीराबाई चानू ने 21वें कॉमनवेल् खेलों में 48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
मणिपुर की चानू ने इस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया और अपने प्रतिद्वंद्वियों को आसपास भी नहीं भटकने दिया।
चानू ने स्नैच में 86 का स्कोर किया और क्लीन एंड जर्क में 110 स्कोर करते हुए कुल 196 स्कोर के साथ स्वर्ण अपने नाम किया।  पिछले कुछ वर्षों में चानू के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है।
मीराबाई इस समय भारतीय वेटलिफ्टिंग की पोस्टर गर्लबनती जा रही हैं।
इस उपलब्धि तक पहुंचने वाली चानू के लिए जीवन आसान नहीं रहा। 23 वर्षीया चानू इम्फाल ईस्ट जिले की हैं। अन्य भारतीय खिलाड़ियों की तरह ही उन्हें भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनके लिए प्रेरणा भारतीय महिला भारोत्तोलक कुंजारानी रही हैं, जो मणिपुर की हैं। 2007 में चानू ने इस खेल में कदम रखा था और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। दक्षिण एशियाई जूनियर खेलों में चानू ने स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही अपनी क्षमता का सबूत दिया।
खास बात यह है कि इस बड़े खेल आयोजन के लिए मीराबाई को फिजियो भी उपलब् नहीं कराया गया था। इसके बावजूद उन्होंने एक साथ राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड और गेम रिकॉर्ड अपने नाम किए।