किताब ना होने पर नरैनी, पचोखर स्कूल ने सोचे अनोखे तर्क, आज तुम पढ़ो कल अपने साथी को दे देना

जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, अउर पचोखर सरकार शिक्षा का अधिकार दे के बात कहत है अउर सब पढ़ो सब बढ़ो का नारा लगावत है पै का हकीकत मा बच्चन का आपन अधिकार मिल पावत है। काहे से जुलाई का महीना खतम होइगा पै अबै भी स्कूल मा बच्चन का किताब नहीं मिली आय। जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, अउर पचोखर सरकार शिक्षा का अधिकार दे के बात कहत है अउर सब पढ़ो सब बढ़ो का नारा लगावत है पै का हकीकत मा बच्चन का आपन अधिकार मिल पावत है। काहे से जुलाई का महीना खतम होइगा पै अबै भी स्कूल मा बच्चन का किताब नहीं मिली आय।  एक कइत सरकार शिक्षा के बढ़ावा दे खातिर ढ़िढोरा पीटत हैं का सरकार शिक्षा के नाम से बच्चन के जिन्दगी से खिलवाड़ करत है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के सुशांत बाबू का कहब है कि अबै तक 2 लाख 65 हजार किताब आ गई है जेहिमा से 1 लाख 90 हजार 580 किताब बांट दीन गई है बांकी किताब जबै अइहैं तबै बांटी जइहैं।  स्कूल के बच्चा अर्चना, अनिल आरती अउर दुर्जन का कहब है कि अंग्रेजी, गणित, विज्ञान की किताब अबै नहीं मिली आहीं हम गाइड खरीद के पढ़ाई करित हन अउर मैडम हमैं पढ़ावत है।  पचोखर के हेडमास्टर गीता बताइस कि नियम के हिसाब से तौ टाइम से किताब बच्चन का मिल जावा चाही पै अबै बच्चन का पूर किताब नहीं मिली आहीं। जबै ऊपर से भेंजी जइहैं तब हिने किताबें बच्चन का मिलिहैं। नरैनी हेडमास्टर सविता बताइस कि पुरान किताब अउर कुछ नई किताबन से बच्चन का काम चलत है। बच्चन का नींकतान पढ़ावै के कोशिश करित हन।जउन बच्चा आगे के क्लास मा चलेगे हैं उनकर पुरान किताब दइ दीन जात है। रिपोर्टर- गीता देवी

Published on Jul 26, 2017