कैसे होगी खेती जब किसान बीज ही नहीं खरीद पाएंगे? महोबा जिले के किसानों की दुविधा

जिला महोबा, क्षेत्र कुलपहाड़ बुबाई को सीजन आतई सबसे पहले बीज की जरुरत परत। और अगर बीज ही इतनो महंगो हो के किसान खरीद ही न पाए तो किसानन की का हालत होत। कुलपहाड़ क्षेत्रीय किसानन की शिकायत हे के बीज भण्डार से मिलबे वालो बीज इतनो महगो हे के छोटे और गरीब किसान तो खरीद ही नइ पा रए।जिला महोबा, क्षेत्र कुलपहाड़ बुबाई को सीजन आतई सबसे पहले बीज की जरुरत परत। और अगर बीज ही इतनो महंगो हो के किसान खरीद ही न पाए तो किसानन की का हालत होत। कुलपहाड़ क्षेत्रीय किसानन की शिकायत हे के बीज भण्डार से मिलबे वालो बीज इतनो महगो हे के छोटे और गरीब किसान तो खरीद ही नइ पा रए। हरिया और ठुन्ना किसान ने बताई के महगो हे बीज हम लेई नइ पा रए। सस्तो होबे तो हम ले लेबे जुताई, बुबाई, दवाई में रुपइया लगत गरीब आदमी हे किते से देबे। तीन साल से सूखा पर रई हम ओरे किते से देबे। करन सिंह यादव ने बताई के नगद रुपइया देने परत किसान के पास बे हे नइया नइ तो बाजार से सस्तो पर जात। अब उन ने पुरानो ही बीज बे दओ सबाई लगा के तो बामे संतुष्ट हे कम से कम खेत खली तो नइ डरे। बीज भण्डार के दाम ज्यादा होत लेकिन जा पे अनुदान आबे पे बो बाजार के दाम से सस्तो पर जात। लेकिन जाके लाने किसान के पास नगद रुपइया की व्यवस्था नइ होत। अयोध्या प्रसाद लोधी सहायक कृषि विभाग ने बताई के जो प्रचार प्रसार करो जा रओ और जाकी बजह जो हे हम नइ बता पा रए। बाजार में जाके दाम तीस से पैतीस हे और इते एक सौ सत्तर से एक सौ नब्बे किलो हे। हर साल किसान पांच सौ सात सौ आत जो जागरूक किसान हे वो ले जात।

रिपोर्टर- श्यामकली

Published on Jul 30, 2017seed