कैंसर पीड़ितों के लिए ट्रेनों में गाते हैं सौरभ

साभार: अमिताभ बच्चन/ट्विटर

दूसरों के चेहरों पर हंसी लाने का एक नाम है सौरभ निंबकर। मुंबई के डोंबीवली में रहने वाले सौरभ निंबकर अपने गिटार के साथ अकसर अंबेरनाथ से दादर के बीच चलने वाली लोकल ट्रेन में देखे जा सकते हैं। सौरभ लोगों को उनके पसंद के गाने सुनाते हैं और बदले में यात्री उन्हें पैसे देते हैं। जो पैसे सौरभ को मिलते हैं उन पैसों से वो गरीब कैंसर पीड़ितों और उनके परिवार की सहायता करते हैं।
23 वर्षीय सौरभ अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और अब नौकरी करते हैं। अपने काम के साथ वे कई महीनों से लगातार सप्ताह में तीन दिन लोकल ट्रेन की भीड़ के बीच गाना गाते हैं।
वर्ष 2013 में सौरभ की मां को कैंसर की वजह से अस्पताल में दाखिल करना पड़ा और उसके एक साल बाद उनका देहांत हो गया। इस दौरान सौरभ कैंसर के मरीजों और उनके रिश्तेदारों को होने वाली तकलीफों को अच्छी तरह से जान गए थे। इन परेशानियों का अंदाजा लगाते हुए सौरभ ने एक गैर सरकारी संगठन के साथ जुड़ने का फैसला किया, और इसके तहत लोकल ट्रेन में लोगों का मनोरंजन करना शुरू किया। सौरभ बताते हैं कि अच्छे दिनों में उनकी 800 से 1000 रुपये तक कमाई हो जाती है।
हाल ही में सौरभ के इस प्रयास को मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी सराहा। उनके साथ कुछ घंटे लोकल ट्रेन में भी बिताये और अपने ट्विटर इत्यादि पर इसकी चर्चा भी की, जिससे सौरभ के बारे में लोग जानने लगे।