केसे रूके गर्मी ओर लू?

साल लू ओर तेज गर्मी ने रिकार्ड तोड़ दओ हे। सुबेरे सात बजे से बाहर निकरे में एसे लागत हे मानो ऊपर से आगी बरसत हे। बाढ़ ओर आग जेसी समस्या खे लाने तो सरकार केऊ तान की मुआवजा मिले की योजना चलाउत हे, पे गर्मी ओर लू जेसी प्राकृतिक समस्यन से आदमी खा छुटकारा केसे मिलहें? ऊसई तो जभे आदमी घर सेबाहर निकरत हे तो हाथ मुंह खे साथे आपन पूरा शरीर चोरन खे जेसे बांधे रहत हें। इत्ती सुविधा करें खे बाद भी अपने खा मोत के मुंह में जाये नई बचा पाउत आय।
हम बात करत हें महोबा जिला की जिते लू ओर गर्मी से मरे वाले आदमी ओरतन की संख्या आठ खा पार कर चुकी हे। मरे आदमियन खा आंकड़ा अकेले हफ्ते को आय। पूरे महीना खा आंकड़ा देखो जाय तो पता नई कित्तो होहे? आदमी के मोत खा कारन गर्मी ओर लूू तो हे ही तेज धूप से लगी प्यास भी आदमी की मोत बड़ा कारन हे। ईखा ताजा उदहारण कुलपहाड़ कस्बा के गोविन्द नगर की केशर हे। जीखी मोत प्यास बढे़ खे कारन भई हे। केशर की मोत से अब सवाल उठत हे सरकार कि पेयजल व्यवस्था खे ऊपर। कहूं देखो जाय तो पचास-पचास कदम में हैण्डपम्प लगे हें ,ओर कहूं देखो जाये तो आधा-आधा किलो मीटर में हैण्डपम्प नइयां। का हर जगह हैण्डपम्प लगवाये खे अलग नियम होत हे? अगर कोनऊ आदमी आग ओर बाढ़ में फंस के मर जात हे तो सरकार ऊखे परिवार खा मुआवजा देत हे, पे केशर की मोत प्यास खे कारन भई हे। का सरकार केशर की मोत मुआवजा भी ऊखे परिवार खा देहे?