केसे पालहें परिवार किसान?

m gaavnजिला महोबा, ब्लाक कबरई, ओर जैतपुर एते किसान सूखा की मार से भुखमरी के कगार में आ गओ हे। तीन साल से मुआवजा की मांग करत हे।
बन्नी गांव के किसान बृजकुमार, नसरूद्दीन, कमलेश ओर नरेश कुमार ने 15 दिसम्बर खा महोबा तहसील दिवस में दरखास दई ओर कहो की दस महीना हो गये दरखास देत। गिनती नइयां की अतिओला वृष्टि के मुआवजा के लाने कित्ती दरखास दई हे। अभे तक मुआवजा नई मिलो हे। हल्के उदयभान ओर रामलखन कहत हे की आसरा के आलाव कछू नई मिलत हे। जोन हमाये एते को लेखपाल हतो ऊखे हट के दूसरे लेखपाल खा चार्ज दे दओ हे। बालकिसुन कहत हे की हम हर दइयां सौ रुपइया लगा के महोबा आउत हे।
लेखपाल संतोष कहत हे की मोये अभे चार्ज नई मिलो हे। एई से चेक नई देत हे।
महोबा एस.डी.एम. सुनील प्रताप सिंह कहत हे की अभे चेक नई बनी हे। चेक बना के के ओते लेखपाल खा चार्ज दओ जेहे।
एसई ब्लाक जैतपुर, गांव कैथोरा को जगत, बलराम, लाल दिवान ओर सियारानी कहत हे की गांव मे लगभग अस्सी बीघा मे मिर्ची की फसल बोई हती। जोन 1 दिसम्बर खा बारिस के साथे ओला परे से फसल बरबाद हो गई हे। ईखी सूचना कुलपहाड़ तहसील में दई हती। अभे तक कोनऊ देखन नईं आओ हे। हम लागन के खांये खा दाना नइयां। दूसरेन से कर्जा लेके परिवार पालत हे। तहसील दार रामजी कहत हे की मिर्चाी की फसल बरबाद होंय को मुआवजा न मिलहे काय से पूरो जिला सूखा घोषित हो चेको हे। ऊ काय फसल बोई हती।