केवल चुनाव के समय ही चित्रकूट जिले के ललई गांव की याद आती है वैसे नहीं

चित्रकूट जिला, ब्लाक मऊ, गांव ललई हिंया के मड़इन का कहब हवै कि हमरें गांव मा कुछौ विकास नहीं आय| जबै चुनाव होत हवै तबै प्रधान अउर नेता  बड़े-बड़े वादा तौ करत हवै| पै चुनाव खतम होय के बाद सब भूल जात हवै| बिजली,पानी अउर सड़क के समस्या बहुतै ज्यादा हवै|बिजली न होय के कारन मड़ई हमरे गांव मा शादी करे से डेरात हवै| एस.डी.एम के का कहब हवै कि सरकार 2022 तक सबै गांवन मा बिजली पहुंचावै का आदेश दिहिस हवै|ललई गांव मा भी बिजली लाग जई|
श्यामा प्रसाद अउर रतन दिवेदी का कहब हवै कि सरकार पहिले पांच लीटर मिटटी का तेल देत रहै फेर चार लीटर दे लाग वहिके बाद दुइ लीटर कइ दिहिस|सामान्य मड़इन का तौ एकौ लीटर तेल नहीं दीन जात आय| हमार गांव मा 11 हजार वोल्टेज के तार मूड़ के ऊपर से निकल गे हवै,पै बिजली विभाग ध्यान नहीं देत आहीं| सरकार कहत हवै डिजिटल इण्डिया बनावै का हवै, पै हमार गांव मा तौ बिजली तक नहीं आय|
अंजू बताइस कि लाइट न होय के कारन मोबाइल रिचार्ज करावे खातिर बरगढ़ जाये का पड़त हवै| जेहिमा पांच रुपिया रिचार्ज के लागत हवै| अउर बीस रुपिया किराया लागत हवै| बिजली विभाग का जेई रवि शंकर गुप्ता का कहब हवै कि हमें पता चला हवै कि लाइनमैन कुछ मड़इन के कनेक्शन करवा दिहिस हवै| पै जबै तक बिजली न लागी तौ कनेक्शन न करावा चाही|

बाईलाइन-सुनीता देवी

19/09/2017 को प्रकाशित