केरल की मदद के लिए यूएई और मालदीव आये साथ लेकिन इनकार कर सकती है केंद्र सरकार!

विकिमीडिया कॉमन्स

केरल में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से मची तबाही के बाद देश ही नहीं दुनियाभर से लोग सहायता कर रहे हैं। अलग-अलग राज्यों के अलावा कतर, यूएई जैसे देशों ने आर्थिक मदद की पेशकश की है।

संयुक्त अरब अमीरात ने केरल में बाढ़ राहत अभियान के लिए करीब 700 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की पेशकश की है।

इस बारे में केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने तिरुवनंतपुरम में कहा कि अबू धाबी के वलीहद शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया और सहायता की पेशकश दी। करीब 30 लाख भारतीय संयुक्त अरब अमीरात में रहते और काम करते हैं जिनमें से 80 फीसदी केरल के हैं।

मालदीव की सरकार ने भी केरल के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए 35 लाख रुपये दान देने का फैसला किया है। ऐसा माना जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र भी केरल के लिए कुछ मदद की पेशकश दे रहा है।

हालांकि सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि केंद्र सरकार विदेशों से वित्तीय सहायता स्वीकार नहीं करेगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए केवल घरेलू प्रयासों पर निर्भर रहने के फैसले पर विचार किया।

बाढ़ की वजह से मची तबाही को देखते हुए केरल सरकार ने केंद्र से 2600 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग की है। मुख्मयंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अपनी एक बैठक में मनरेगा समेत केंद्र की विभिन्न योजनाओं के तहत उससे एक विशेष पैकेज मांगने का निर्णय लिया।

बता दें, केरल में सदी की सबसे विनाशकारी बाढ़ में 231 लोगों की मौत हो गई जबकि 14 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए।