केंद्र सरकार अउर राज्य सरकार के योजना तौ सब बेकार होत देखात हवैं

योगी सरकार आपन लम्बे-लम्बे भाषण मा कहत रहै कि जून 2017 तक सड़कन का गढ़ढा मुक्त कइ दीन जई| पै सड़क गढ़ढा मुक्त तौ नहीं होइ भें आहीं  बल्कि अउर ज्यादा गढ़ढा होइ गें हवैं| यहै तान मोदी कहिन बहनों अउर भइयों भारत का उंई स्वच्छ भारत करवाइहैं जेहिके खातिर स्वच्छ भारत मिशन अभियान चालू करवाइन हवैं| पै कत्तौ देख के नहीं लागत कि कत्तौ स्वच्छता का कम होत हवै| अउर ध्यान भी नहीं  देत हवैं गन्दगी चारौ कइती देखात हवैं|सड़क हो या मड़इन के दुवारे कूड़ा पड़ा रहत  हवै| हफ्ता-हफ्ता तक सफाई का नाम नहीं आय? का यहिनतान भारत स्वच्छ होइ? सफाई कर्मी नहीं आहीं बात करित हन सफाई के बिना सफाई कर्मी कसत सफाई होइ?का मोदी भाषण मा बस तेजी देखावत हवै या उंई काम भी पलट के देखत हवैं कि होत हवैं या नहीं|
मऊ कस्बा मा तौ गन्दगी से भरा पड़ा हवै फेर जउन स्वच्छता के बात मोदी करत हवैं? वाखा हवै| मड़इन का निकरै बइठै मा परेशानी होत हवै|प्रधान भी कुछ नहीं करवात आय?सफाई का हाल अगर यहिनतान रही तौ स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य कत्तौ पूर नहीं होइ सकत आय| हां या जरुर होइ सकत हवै कि अउर ज्यादा कूड़ा सड़कन मा देखाइ देई| का सरकार यहिके खातिर बजट नहीं देत आये ?

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