कुपोषण से लड़ती एक महिला अधिकारी

फोटो साभार: यूथ की आवाज़
फोटो साभार: यूथ की आवाज़

मिड-डे-मील को स्वास्थ्य के अनुकूल बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है।इस ओर सराहनीय कदम बढ़ाती हुई एक युवा महिला आईएएस अपूर्वा दुबे ने बच्चों को पौष्टिक और ताज़ा खाना उपलब्ध कराने की एक अनोखी पहल की है।
अपूर्वा ने उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में हसनापुर गांव के एक स्कूल में ‘किचन गार्डन’ या ‘किचन उद्यान’ बनवाया है। इसमें कई प्रकार की सब्जियां उगाई जाती हैं, जैसे धनिया, पालक, मूली, मेंथी, और गाजर। फिर इन्हीं सब्जियों से खाना तैयार करके बच्चों को मिड-डे-मील में परोसा जाता है।
कानपुर देहात में अपूर्वा दुबे ‘ज्वाइंट मजिस्ट्रेट’ हैं। अपनी इस पहल के बारे में अपूर्वा बताती हैं “मैंने एक गांव को सालभर में कुपोषण से मुक्त करने का फैसला किया है। यदि हमारे एक छोटे से कदम से इन बच्चों का भला होता है तो क्यों ना किया जाए। ये बच्चे देश की नींव है।हमारी कोशिश है कि हम दूसरे स्कूलों में भी ऐसा करें।”
प्राथमिक स्कूलों में मिड-डे-मील की गिरती गुणवत्ता को लेकर चिंतित अपूर्वा कहती हैं, “यह कदम कुपोषण को जड़ से खत्म करने का एक प्रयास है। अब छात्रों ने भी इस परियोजना में अपनी रूचि दिखाना शुरू कर दिया है।”

साभार :  यूथ की आवाज़