कुआ कहां, ये तो कूड़ेदान लगता है, बांदा के पिपरहरी गांव में

जिला बांदा, ब्लाक तिन्दवारी, गांव पिपरहरी हेंया सौ साल पुरान कुंआ है जेहिमा कूड़ा का ढ़ेर लाग रहत है अउर बरसात के महीना मा जहरीली गैस निकले लागत है। जेहिसे हेंया के मड़ई बहुतै परेशान है यहै कारन उंई कइयौ दरकी डी.एम .का दरखास दिहिन है पै अबै तक कउनौ कारवाही नहीं भे आय।
प्रेम सिंह अउर जितेन्द्र सिंह का कहब है कि कुंआ का कूड़ा का ढ़ेर लाग रहत है।मड़ई 3 4 बजे सुबेरे कूड़ा फेंक जात है मना करै के बादौ कोउ नहीं मानत आय। मरे जानवर तक मड़ई कुंआ मा फेंक जात है। जेहिसे बरसात के महीना मा जहरीली गैस निकले लागत है।
कुंआ मा कूड़ा का ढ़ेर लाग गा है तबहूं मड़ई कूड़ा डाले का नहीं मानत आहीं। सुअर कूड़ा का सगले रास्ता मा फइला देत है जेहिसे आवे जाये वाले मड़इन का बहुतै परेशानी होत है कूड़ा के ढ़ेर से निकले का मजबूर है।
संजय सिंह का कहब है कि बिटिया के शादी का 25 दिन रहि गे हैं। तबहूं मड़ई कूड़ा फेंके से नहीं मानत आहीं रात अंधेरे मा फेंक जात है। कूड़ा सुई इंजेक्शन ,दवाई सब पड़ी रहत है। कारन हेंया ज्यादा मच्छर लागत है। भारत स्वच्छता अभियान या समय चलत है।
प्रधानमंत्री या योजना सफाई खातिर चलाइन है पै हेंया सगले गन्दगी फइली रहत है। हमार गांव के गन्दगी खतम होय यहै कारन कइयौ दरकी अधिकारिन का दरखास दीने हन,पै कुछौ सुनवाई नहीं भें आय।
जिला मलेरिया अधिकारी विजय शंकर का कहब है कि जल संस्थान अउर स्वास्थ्य विभाग के टीम कइत से जांच कीन जई। जउन समस्या निकल के अई,वहिके बाद कारवाही कीन जई।

रिपोर्टर- मीरा देवी और शिवदेवी

Published on Apr 3, 2017