किसान धरने पर, शासन मौन व्रत पर

31-07-14 Kshetriya Mahoba - Kisaan dharna webजिला महोबा। महोबा शहर के कचहरी परिसर में 25 जुलाई से 30 जुलाई तक भारतीय किसान यूनियन पार्टी के जिलाध्यक्ष जगराम तिवारी की अध्यक्षता में जिले के सैकड़ों किसान अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे हैं।
कबरई के मान सिंह, पनवाड़ी के राम सिंह, चरखारी के जयेन्द्र मिश्रा और कुलपहाड़ के विजय सिंह इनमें से कुछ किसान हैं। इनका कहना है कि किसान हर साल किसी न किसी समस्या से जूझते रहते हैं लेकिन सरकार की तरफ से किसान को कोई राहत नहीं दी जाती है। कुछ महीने पहले बिन मौसम बारिश से फसल का नुकसान हुआ और इस साल सूखे की मार से किसान बिलबिला उठा। सावन का महीना बीते जा रहा है और अभी तक नाम मात्र ही बारिश हुई है। फिर भी केन्द्र सरकार ने सूखा घोषित नहीं किया।
इन परेशान किसानों का कहना है कि अगर सरकार की तरफ से हमारी मांगे पूरी नहीं हुईं या कोई आश्वासन नहीं मिला तौ आमरण अनषन करने पर मजबूर हो जाएंगे।

किसानों की मुख्य मांगें

– महोबा की सभी जनपदों को अकालग्रस्त घोषित किया जाए। अकालग्रस्त क्षेत्र को मिलने वाली सभी सुविधाएं मिलें और किसानों के सम्पूर्ण कजऱ् माफ किए जाएं।
– बुन्देलखण्ड पैकेज की ‘फसल बीमा योजना’ में सी.बी.आई. जांच कराई जाए।
– ओलावृष्टि के दौरान बांटी गई चैकों में हुई धांधलेबाज़ी की जांच की जाए।
– बुन्देलखण्ड में कार्यरत सभी बैंकों में रिज़र्व बैंक और नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) के दिशा निर्देश लागू किए जाएं और अनाधिकृत सूदखोरों और किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज़ के रूप में कमिशन लेने वाले बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।