का सोच करिस इनतान

taza karviचित्रकूट जिला, ब्लाक कर्वी, रामायण मेला। हिंया 15 अक्टूबर 2012 का मुख्यमंत्री अखिलेष सिंह यादव आय रहैं। उंई मानिकपुर ब्लाक का तहसील बनै के घोषणा करिन रहैं। या बात का लइके अप्रैल 2013 मा प्रमुख सचिव किषन सिंह अटारिया कइती से आदेष आ गा हवै कि मानिकपुर तहसील खातिर कर्वी के कउन कउन गांव शामिल होइ हैं। कुल मिला के कर्वी तहसील से एक सौ बाइस गांव मानिकपुर तहसील खातिर शामिल कीन गें हवैं।
वहिमा से कुछ गांव के नाम इनतान हवैं- सेमरिया चरनदासी, रेहुटिया, शीतलपुर, तरौंहा, चकचैरी, चकझीलंग, चकपरासिन, चकदेवरी, चकरजौंहा, चकमटदर।
जिला चित्रकूट, ब्लाक कर्वी, गांव रेहुटिया अउर तरौहां। हिंया के मड़ई मानिकपुर तहसील मा इ गांव लागै से बहुतै परेशान हवैं। काहे से कि तीस रूपिया किराया लगा के मानिकपुर लगभग इकत्तीस किलो मीटर जाये का परी। यहै से दिन भर लाग जई।
या मामला का लइके खबर लहरिया पत्रकार कर्वी एस.डी.एम. चन्द्र प्रकाश उपाध्याय से बात करिन तौ उनकर कहब हवै – सरकार कइयौ बरस के बाद तौ या नींक काम करिस हवै कि मानिकपुर मा तहसील बनी। यहिसे मड़इन का खुश होय के जरूरत हवै। या बात अलग हवै कि अगर सौ मा दस मड़इन का परेशानी हवै तौ सौ मा नब्बे मड़ई खुश हवैं। जउन सरकार आदेश करत हवै वहै कीन जात हवै। यहिके खातिर कुछौ नहीं कीन जा सकत हवै।
रेहुटिया गांव के मुन्ना अउर राम तरौंहा गांव के बब्लू अउर कैलाश समेत पांच मड़इन का कहब हवै कि अब गरीब मड़ई बिना मारे मर जई। एक तौ गरीबी दूसर बात अगर कउनौ दरखास या फेर कउनौ समस्या का तहसील मा कहैं का हवै तौ पहिले मानिकपुर जाये का परी तबै सुनवाई होइ। अगर मानिकपुर मा तहसील बनै का हवै तौ कर्वी के गांव मानिकपुर तहसील मा काहे कीन जात हवै। यहिसे तौ मड़इन के समस्या खतम न होइ अउर बढ़ जई। पता नहीं कि सरकार का सोच के इनतान करत हवै।