का सोंच करिस तबादला

लोकसभा चुनाव का समय चलत हवै, पै सरकार उत्तर प्रदेश के बाइस डी.एम. अउर उन्नीस एस.पी. का तबादला कइ दिहिस हवै। अब सवाल या उठत हवै कि का येत्ती जल्दी इं नये अधिकारिन का सबै जिला के जानकारी मिल सकत हवै। हम बात करित हन चित्रकूट जिला के।
या जिला मा एक महीना पहिले नये एस.पी जवाहर आय रहैं। उनका भी तबादला होइगा हवै। यहिनतान डी.एम सुरेन्द्र विक्रम का जिला मा आय डेढ़ महीना भा। उनका भी तबादला होइगा। जबै तक अधिकारिन का जिला के स्थिति के बारे मा पता लागत हवै। तबै तक उनका एक जिला से दूसरे जिला भेज दीन जात हवै। सोचैं वाली बात तौ या हवै। जबै तक अधिकारी अपने साथै काम करैं वालेन के बारे मा अउर जिला के समस्या अउर पार्टी से जुड़े नेतन के बारे मा समझत हवैं। तबै तक उनकर तबादला होइ जात हवै। कम से कम चुनाव के समय तौ येत्ती जल्दी अधिकारिन का न बदला जाये।
जबै दुइ दुइ महीना मा इनतान अधिकारिन का तबादला कीन जई तौ इनतान के समस्या कसत दूर होइ सकत हवै। आखिर निर्वाचन आयोग का सोंच के बाइस डी.एम अउर उन्नीस एस.पी का तबादला करिस हवै। का वहिका कउनौ अधिकारिन के ऊपर शक रहै कि वा कउनौ पार्टी के नेता का पक्ष लेत हवै। अगर या सोंच के तबादला करिस तौ बहुतै नींक काम निर्वाचन आयोग करिस हवै।