का-का खरीदौ योजना नाम खातिर

karvi mahila muddaजिला चित्रकूट, ब्लाक रामनगर, गांव रेरूवा का बुधवल पुरवा। हिंया के उर्मिला दस बरस से गरीबी रेखा के राशन कार्ड खातिर परेशान हवै। कइयौ दरकी बनावै खातिर कइयौ दरकी प्रधान विजयपाल से कहा गा, पै चवा कउनौ ध्यान नहीं दिहिस।
प्रधान विजयपाल का कहब हवै कि आबादी ढाई हजार हवै। पीला राशन कार्ड चार सौ पचास सफेद राशन कार्ड चैव्वन अउर अन्त्योदय इक्तालिस राशन कार्ड बने हवै। महारानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत चैतिस मड़इन का रूपिया मिलत हवै। अगर नये राशन कार्ड बनिहैं तौ उर्मिला का राशन कार्ड बनवा दीन जई।
उर्मिला का कहब कि गरीब मेहरिया हौं। गरीबी होय के बादौ राशन कार्ड नहीं बना आय। अगर राशन कार्ड बन जाये तौ थोई बेहूं चावल, चीनी अउर मिट्टी का तेल मिलै लागै। काहे से कि मिट्टी का तेल राजापुर कस्बा से पैंतिस रूपिया लीटर लावै का परत हवै। राशन कार्ड बनावै खातिर कदयौ दरकी प्रधान विजयपाल से कहे हौं, पै वा सुनत नहीं आय।