का करहें पानी के बिना?

17-06-15 Mahoba Pani Maramariजिला महोबा, ब्लाक पनवाड़ी, गांव भटेवरा खुर्द के दलित बस्ती में पचास घर बने हे। पानी के लाने हैण्डपम्प जेसी कोनऊ सुविधा नइयां। आदमी ढाई किलोमीटर की दूरी से पानी लाउत हे। ईखी दरखास 7 जुलाई खा कुलपहाड़ तहसील में दई हे।

गुल्लू भूरा ओर राजकुमार बताउत हे कि हम बीस साल से ओते रहत हे। प्रधान से केऊ दइयां कहो हे कि एक हैण्डपम्प लगवा देय। ऊ कहत हे की मोये एते नई आउत हे। हम लोग बारऊ महीना एक-एक बूंद पानी खा तरसत हे। जगतराज कहत हे कि में विकलांग हों। सब कोनऊ तो साइकिल से पानी भर लाउत हे। में आदमियन से लोटा-लोटा पानी मगां के काम चलाउत हो।

किल्हौंवा गांव के कोमल सिंह ओर देवीदीन बताउत हे कि एते तीन किलोमीटर दूर बुन्देल बाबा ओर दुर्गा मंन्दिर मे दिन भर में पांच सौ आदमी पूजा करन जात हे। ओते पानी की कोनऊ व्यवस्था नइयां। आदमी घर से पानी लेके जात हे। कोनऊ खा प्यास लगत हे जा फिर कोनऊ कार्यक्रम होत हे तो टैंकर मगांउत हे, नई वापस घर में पानी मिलत हे। ओते एक हैण्डपम्प लग जाये तो नींक हो जाये।

जल निर्माण खण्ड सहायक अभियन्ता दीपक चैहान बताउत हे कि अगर भटेवरा खुर्द गांव की जांच कराई जेहे। आबादी डेढ़ सौ हो हे तो हैण्डपम्प लगवा दओ जेहे। अगर मंदिर में आदमी ज्यादा जात हे ओर अप्लीकेशन आहे तो ओते की भी जांच कराई जाई।