कासगंज में गणतंत्र दिवस के दिन भड़की हिंसा

साभार: विकिमीडिया कॉमन्स

उत्तर प्रदेश के कासगंज ज़िले में गणतंत्र दिवस के दिन विश्व हिंदू परिषद (वी एच पी) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ए बी वी पी) के कार्यकर्ताओं द्वारा मोटरसाइकिल से निकाली गई तिरंगा यात्रा पर पथराव से तनाव बढ़ गया, जिसने बाद आगजनी और फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए।
दरअसल कासगंज जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में बिलराम गेट के पास से तिरंगा यात्रा गुजर रही थी। इस दौरान कासगंज में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के साथ जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाए। इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों ने उनका विरोध किया और इसके बाद ही दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई।
इस दौरान समुदाय विशेष के लोगों ने भी मोर्चा संभाल लिया और घर की छतों से पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। कुछ ही देर में उपद्रवियों ने तहसील रोड पर भी फायरिंग कर दी। इसके बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया। गाड़ियों में आग लगा दी गई। इसमें गोली लगने से रेलवे रोड निवासी चंदन गुप्ता उर्फ अभिषेक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। उपद्रवियों के पथराव में करीब छह लोगों को मामूली चोटें आईं।  उपद्रवी भीड़ ने 5 बसों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने दंगे के 9 आरोपियों और धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में 49 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस दौरान, कासगंज के जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि पुलिस ने कासगंज थाने में शिकायत दर्ज कर जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। शांति बनाए रखने के लिए हिंसाग्रस्त इलाके में धारा 144 लागू है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कासगंज हिंसा में मारे गए युवक चंदन उर्फ अभिषेक गुप्ता के परिवार को 20 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। प्रमुख गृह अरविंद कुमार ने बताया कि सहायता राशि 29 जनवरी को उनके परिवारीजनों को सौंपी जाएगी।