काश! इस बच्चे की बात हर किसी के समझ में आ जाए, जानने के लिए महोबा से देखिये ये वीडियो

ये कहानी हर उस घर की है जहां शराब पीने के बाद बच्चें अपने मम्मी पापा की लड़ाई देखतें हैं और उनके मुंह से निकल पड़ता है कि जीना है तो पापा शराब मत पीना। नशा मुक्त अभियान के तहत शपथ भी दिलाई गई हैं।
प्राचार्य डाक्टर फूल सिंह का कहना है कि समाज में ऐसा देखते है तो हमें प्रेरणा मिली कि ऐसा कुछ करें जिससे लोगों पर सीधा असर पड़े। इसलिए सुधार कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक किये गये हैं। कलाकार दीप्ती सक्सेना का कहना है कि नशा के कारण जो समाज खराब हो रहा है उससे बचनें के लिए ये नाटक किये जाते हैं।
शिवराज ने बताया कि नशा मुक्त अभियान पर जो नाटक दिखाया जाता है वो बहुत अच्छा है। जो लोंग नशा करतें हैं इससे कुछ सीख सकेगें। चन्द्रभान का कहना है कि नाटक में दिखाया गया है कि दारू पीना बेकार है। इस तरह के नाटक सब जगह होनें चाहिये जिससे लोग दारू पीना छोड़ दें।

रिपोर्टर-श्यामकली

published on Dec 26, 2017