काशी विश्‍वनाथ मंदिर विस्‍तारीकरण योजना में बिना नोटिस जबरन खाली कराई जा रहीं दुकानें

धर्मनगरी जो काशी विश्वनाथ के नाम से जानी जाती है। यहाँ पर काशी विश्वनाथ की एक पुराना मन्दिर है, जो इस समय मधि समिति के लोगों को बेच दी गई है। वहां की दुकाने तोड़ी जा रही हैं। जो लोग सैकड़ों सालों से दुकान लगाये हुए हैं। उनके सामने एक सवाल आया कि अपना रोजगार कहाँ चलायेगें और अपना परिवार कैसे पालेगें और कहां जायेगें। वाराणसी जिले के काशी विश्वनाथ मन्दिर का सुन्दरीकरण व मन्दिर परिसर के विस्तार के लिए काशी विश्वनाथ कॉरिड़ोर प्राजेक्ट में मन्दिर के आसपास बनी लगभग 160 दुकानदारों पर दुकानें खाली करने के लिए प्रशासन दबाव बना रहा है। लोग इस बात से नाराज हैं कि उन्हें बिना नोटिस दिए दुकान खाली करने को कहा जा रहा है।

दुकानदार राजू साहनी ने बताया कि पांच लाख रूपये मकान मालिक ने ले लिया और फिर मकान मालिक मन्दिर को प्रशासन को बेच दिया। मन्दिर के लिए प्रशासन से कोई लड़ाई नहीं है। विकास के लिए हमें जगह चाहिए, नहीं तो मैं अपनी दुकान नहीं खाली करूंगा। ताकि हम दूसरी जगह जाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर सकू। और प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रही है। इस मकान में 17 दुकानें हैं और अभी तक कोई नोटिस भी नहीं आई है। ये सूचना पत्र आज लगा है। दुकानदार हरिमोहन का कहना है कि दुकान के बदले दुकान मांग रहे हैं। सरकारी प्लान अभी तक नहीं आया। दुकान खाली करने को रोज दबाव डालकर कहा जाता है। मालकाना हक दौरान दुकाने टूटने लगी हैं। सरकारी बैनामा लिया है, सब सही है, लेकिन दुकानदारी के साथ कोई न्याय नहीं हो रहा है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवान बल्लभ दास ने बताया कि मकान मालिक, तो लाइन में हैं, क्योंकि उनके यहाँ सौ साल पुराने दुकानदार हैं? कोई सौ तो कोई पचास देता है। ये लोग चाहे जो करें, हमसे क्या लेना देना। 20 से 25% काट के उन दुकानदारों का अर्जेस्टमेंट करेगें। इससे बहुत से दुकानदारों का काम पूरा हो जायेगा। एक डीएम से दूकान उजाड़ देना ये, तो नाइंसाफी है।

विश्वनाथ गली,व्यवसायिक समिति वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव का कहना है कि दुकानदारों से मुख्यकार्य पालन अधिकारी बार-बार निवेदन कर रहे हैं कि दुकान खाली कर दें। उनको दुकान के बदले दुकान ही, तो दी जा रही हैं। ये काम अगर भाजपा की सरकार में हो रही है, तो कोई बुरा नहीं हो रहा है।

विधायक, एसपी कोई जवाब देने को तैयार नहीं हैं। उन लोगों का कहना है कि जो सौ साल से कम कर रहे हैं। वो सब लोग अब भुखमरी की कगार में आ जायेगें।

रिपोर्टर: अनामिका और नाजनी

Published on May 14, 2018