कालियाचक कांड- आखिरकार पुलिसवालों पर गिरी गाज

maldaपश्चिम बंगाल के मालदा जि़ले में कालियाचक इलाके में थाने को आग के हवाले कर दिए जाने के मामले को लेकर थाना प्रभारी को छोड़कर अन्य सभी पुलिसकर्मियों का तबादला जि़ले के विभिन्न थानों में कर दिया गया है। कालियाचक थाना प्रभारी शुभब्रत घोष के तबादले की भी संभावना है। कालियाचक थाने में थाना प्रभारी सहित कुल 12 पुलिस कर्मचारी थे।
पिछले रविवार को जि़ले के कालियाचक थाना क्षेत्र में अंजुमन अहले सुन्नातुल जमात नामक एक संगठन कालियाचक के चैरंगी इलाके में विरोध सभा कर रहा था। सभा में एक लाख से ज़्यादा लोग शामिल थे। सभा के दौरान ही संगठन के कुछ उत्तेजित सदस्यों ने अचानक थाने पर हमला बोल दिया। थाने में उपस्थित पुलिसकर्मियों से मारपीट करने के साथ ही भीड़ ने रास्ते के किनारे खड़ी गाडि़यों को आग के हवाले कर दिया। जान बचाने के लिये सभी पुलिस कर्मचारी थाना छोड़कर बाहर निकल गए।
पुलिस के 15 राउंड फायरिंग करने के बाद भी स्थिति नियंत्रित न होने पर बीएसएफ के जवानों को उतारा गया।
थाने में आग लगाने के आरोप में पुलिस ने अबतक दस लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी कालियाचक थाना अंतर्गत सुल्तानगंज सहित आस-पास के निवासी हैं।
मालदा हिंसा पर राजनीति गरमा रही है। बीजेपी इसे सांप्रदायिक हिंसा बताती रही है। जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि यह सांप्रदायिक हिंसा नहीं थी, इसे सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है।
पूरा मामला हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी के बयान से जुड़ा है। एक समुदाय के लोग तिवारी के उस बयान के विरोध में सड़क पर उतरे थे, जिसमें कथित रूप से उन्होंने पैगंबर के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। तिवारी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।