कार्ड बनवाने जाइये जैतपुर कस्बे के सुभद्रा के पास, सुनिए उनके संघर्ष की कहानी

जिला महोबा, क़स्बा जैतपुर आज बुंदेलखंड में तरक्की इतनी तेजी से हो रई के ओरते अपने पांवन पे ठाढ़े हो के अपने ही परिवार को खर्चा उठा रई। अपनी एक पहचान बना रई अपनों नाम रोशन कर रई। एसी ही एक महिला आज अपनी मेहनत से अपनों नाम रोशन क्र रई।
31 साल की सभुद्रा शादी के कार्ड छापबे को काम करत। जो काम एसो हे के जाए अब तक जा क्षेत्र में पुरुष ही करत आय हे।
लेकिन महोबा जिला के जैतपुर क़स्बा की सभुद्रा पिछले दस साल से अपनों परिवार चल रई शादी के कार्ड बना के।
सभुद्रा ने बताई के हमाओ सात आदमी को परिवार हे जो काम हमाय घर में होत तो सो हम देख देख के सीख गये और जरुरत परी सो करन लगे।
ओरतन के जीवन में हमेशा संघर्ष लिखो रत। जैसे सब जानत के कितऊ से सहयोग न मिले तो परेशानी होई जात।
फिर हमने सोची के इते रे रए और कछू काम न करे तो का काम को। जब फिर हमे कछू काम नइ मिलो तो फिर हमने जोई काम करबो शुरू करो।
फिर हाथ की सफाई बढ़त गयी और आदमियन को हमाओ काम पसंद भी आओ तो हमाय ग्राहक बढे।
आज हमाओ नाम हे आदमी हमे हमाय नाम से जानत। आज हम अपने ही आप से एक पहचान बन गये। हमे अच्छो लगत और ख़ुशी मिलत के हम अपने पांवन पे ठाढ़े।
और अपने परिवार को खर्चा चला रए। और जामे हमे कोऊ की मदद भी नइ लेने परत। अपने बच्चन को अच्छे से पढ़ा लिखा रए।

रिपोर्टर- श्यामकली

Published on Feb 7, 2017